पीडीडीयू नगर/चंदौली। जिले में बने क्रय केंद्रों पर धान खरीद की व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। आलम यह है धान खरीद के एक लाख 85 हजार मिट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष मात्र सात हजार टन ही धान की खरीद हो पाई है। जबकि 15 नवंबर से खरीद जारी है। 25 दिनों में पांच फीसदी भी किसानों की खरीद नहीं हो सकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक केवल 785 किसानों से ही धान की खरीद हुई है। वहीं 18 सौ किसानों का सत्यापन किया गया है। धान खरीद की धीमी गति से किसानों में आक्रोश है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और खरीद के नोडल बनाए गए एडीएम उमेश मिश्रा को दोषी बताया।
मुख्यालय स्थित नवीन मंडी में बने नेफेड और यूपीएस के क्रय केंद्रों पर पिछले 24 घंटे से ताला लटका है। दर्जनों किसान यहां उपज लेकर प्रभारियों के आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बृहस्पतिवार की शाम तक कोई प्रभारी किसानों की सुध लेने नहीं पहुंचा। इससे किसानों में निराशा है। वहीं जिले के अन्य क्रय केंद्रों पर भी धान की खरीद की रफ्तार सुस्त है। किसानों का आरोप है कि अधिकारी बिचौलियों से मिलीभगत कर खरीद को कागजों पर दर्शा रहे हैं। जिले में धान खरीद के लिए कुल 112 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं सात क्रय एजेंसियों को धान खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। बावजूद इसके 15 नवंबर से 9 दिसंबर तक जिले में लगभग 785 किसानों से सात हजार मीट्रिक टन धान की खरीद ही हुई है।