उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ ने गुरुवार को चार सूत्रीय मांगों के
समर्थन में नगर में पैदल मार्च निकाला और धरना-प्रदर्शन किया।
इस
दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और रोजगार सेवकों को नियमित करने
की मांग को दोहराया। अंत में डीएम कार्यालय पहुंचकर ग्राम रोजगार सेवकों ने
जिलाधिकारी को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष कन्हैया
यादव ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी पद के लिए आयोजित हो रही भर्ती पर
तत्काल रोक लगाई जाए और ग्राम रोजगार सेवकों को विनियमित कर राज्य कर्मचारी
का दर्जा प्रदान किया जाए। रोजगार सेवक नौ वर्षों से निष्ठापूर्वक कार्य
कर रहे हैं, लेकिन आज तक हम सभी को राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया,
जो रोजगार सेवकों के साथ सौतेला व्यवहार है।
जिला उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता
ने कहा कि रोजगार सेवकों को किया वादा पूरा करने के लिए 25 नवंबर 2014 को
मुख्यमंत्री ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान नियमितीकरण की कार्रवाई को आगे
बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रिग्जियान सैम्फिल को निर्देशित
किया था, लेकिन दस माह का समय बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस
मौके पर पवन गुप्ता संजीव बरनवाल, आजाद यादव, रमाशंकर, रविकान्त, आदि रहे।