मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से सटे पुरवां-बरठा संपर्क मार्ग का निर्माण आरंभ नहीं किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को सामूहिक श्रमदान करने का निर्णय लिया। इसके बाद करीब 400 ग्रामीणों ने मौके पर पड़ी मिट्टी-गिट्टी डालकर सड़क को वजूद में ला दिया। वहीं विकास भवन के पास धरना प्रदर्शन कर तत्काल मार्ग को सुदृढ़ किए जाने की मांग की। चेताया कि यदि सड़क का निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़क के दोनों तरफ भरे पानी में जल समाधि ले लेंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर उतरकर जाम कर आम पब्लिक की समस्याएं नहीं बढ़ाएंगे। पुरवां-बरठी संपर्क मार्ग से होकर दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का आना-जाना होता है। लेकिन सड़क के क्षतिग्रस्त होने से इसपर चलना जोखिमभरा हो गया है। सड़क बनने को लेकर कुछ दिन पूर्व गिट्टी व मिट्टी गिराई गई पर निर्माण आरंभ नहीं किया गया। इससे सड़क पर गिट्टी फैलती जा रही थी। सड़क न बनने के कारण ग्रामीणों ने खुद ही सड़क बनाने का फैसला कर लिया है। इसके बाद भी जिला प्रशासन सड़क बनवाने पर ध्यान नहीं देता तो ग्रामीणों के सामने जल समाधि लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।