वाराणसी विकास प्राधिकरण ने 500 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है। इस राजस्व वृद्धि में भवन मानचित्र स्वीकृति में 250 फीसदी की वृद्धि का मुख्य योगदान रहा है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण ने नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच 500 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह प्राधिकरण के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक राजस्व है। इससे पूर्व वार्षिक राजस्व लगभग 120 करोड़ रुपये रहा था। इस प्रकार एक वर्ष से भी कम अवधि में वाराणसी विकास प्राधिकरण ने अपनी सामान्य वार्षिक आय से चार गुना अधिक राजस्व कमाया है। इस राजस्व वृद्धि में भवन मानचित्र स्वीकृति में 250 फीसदी की वृद्धि का मुख्य योगदान रहा है।
विज्ञापन
इसमें नए भवन मानचित्रों की स्वीकृति और पूर्व निर्मित भवनों के मानचित्रों का कंपाउंडिंग के माध्यम से नियमितीकरण शामिल है। लंबे समय से अनुपयोगी या अतिक्रमण की स्थिति में रहे भूमि पार्सलों के निस्तारण से भी प्राधिकरण के राजस्व में वृद्धि हुई है।
नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच 1,073 कंपाउंडिंग मानचित्र और 879 नए ऑनलाइन भवन मानचित्र स्वीकृत किए गए। कुल 1,952 भवन मानचित्रों को स्वीकृति मिली। इसी अवधि में 93 ले-आउट, 22 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं तथा 39 होटल परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
होटल और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं की स्वीकृति से वाराणसी में भू-संपदा, पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में निजी निवेश की सक्रियता सामने आती है।