इलिया। छठ पर्व पर भरभराकर गिरी सरैया गांव की पुलिया दो वर्ष पूर्व ही जर्जर हो चुकी थी। प्रशासन की ओर से इसके समकक्ष एक नई पुलिया का निर्माण भी करा दिया गया था लेकिन पुरानी पुलिया पर आवागमन पर रोक नहीं लगाई गई थी और न हीं बैरिकेडिंग हुई थी। इसके चलते लोग इस पुलिया से अक्सर आते-जाते और उस पर बैठते थे। छठ पर्व पर पुलिया पर ज्यादा लोग बैठे थे। अधिक भार से जर्जर पुलिया धराशायी हो गई।
सरैया गांव निवासी मनोहर प्रसाद ने बताया कि यदि पुलिया को पहले ही तोड़कर हटा दिया गया होता तो ऐसा नहीं होता। बड़ा हादसा टल गया है, नहीं तो इससे कई लोगों की जान तक जा सकती थी। गांव निवासी अशोक कुमार ने बताया कि सबको पता था कि छठ पर्व पर यहां भीड़ जुटेगी। लोग इस पुलिया पर भी जरूर आएंगे-जाएंगे। ऐसे में यदि छठ पर्व के पहले पुलिया पर बैरिकेडिंग कर दी गई होती तो ऐसा हादसा नहीं होता। प्रेम कुमार ने बताया कि गांव के इस पुराने पुलिया पर शासन-प्रशासन की कभी नजर नहीं पड़ी। संतोष कुमार ने बताया कि लोग अक्सर ही पुलिया से आया-जाया करते थे। खाली समय में लोग अक्सर उसपर बैठते भी थे। छठ पर्व पर 20-30 लोग उस पर बैठकर पूजा देख रहे थे। पुलिया इतना वजन नहीं सह सकी और उसका एक हिस्सा टूटकर गिर गया। अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन सुखराम भारती ने बताया कि चकिया थाना क्षेत्र के सरैया गांव में सोमवार को छठ पूजा के दौरान कर्मनाशा नहर की काफी पुरानी पुलिया के एक किनारे की कुछ ईंटें सरककर नीचे पानी में गिर गईं। इससे कोई चोटिल और घायल नहीं हुआ। छठ पूजा का पूरा कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।