पीडीडीयू नगर। फैक्टरियों को आपूर्ति होने वाले सस्ते कोयले को चंदासी मंडी में बेचने के आरोप में मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने तीन प्रतिष्ठित कोयला व्यापारी सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया। वहीं कोयला लदे ट्रकों को सीज कर दिया। बाकी तीन प्रतिष्ठित कोल व्यवसायियों की पुलिस तलाश कर रही है। इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा है।
एशिया की सबसे बड़ी कोयला मंडी चंदासी में फैक्टरियों को सब्सिडी पर मिलने वाले कोयले को खपाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर रविवार को आईजी जोन वाराणसी विजय सिंह मीना के निर्देश पर एएसपी वाराणसी मुहम्मद मुश्ताक ने दल बल के साथ छापा मारा था। इस दौरान कोयला लदे दो ट्रक बरामद किए। इस बीच मौका पाकर चालक वहां से भाग निकले। पुलिस ने कोयला उतरवा रहे सुनील कुमार पाल, प्रदीप अग्रवाल निवासी महाबलपुर और जियाउल निवासी कैलाशपुरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर चालान कर दिया। सीओ कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रविनगर निवासी कोयला व्यवसायी दिलीप अग्रवाल के अलावा मुगलसराय निवासी सुभाष तुलस्यान और पवन तुलस्यान के खिलाफ आईपीसी 379, 406, 411, 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बरामद कोयले का नमूना जांच के लिए भेजा है। वहीं कोयला लदे ट्रकों को सीज कर दिया गया है। इसके पहले व्यापारियों की गिरफ्तारी से मंडी में खलबली की स्थिति रही।
दुलहीपुर। एशिया की सबसे बड़ी कोयला मंडी चंदासी में फैक्ट्रियों के नाम पर आवंटित कोयले को ऊंचे दाम पर बेच कर कुछ व्यापारी न सिर्फ राजस्व का नुकसान कर रहे हैं बल्कि नियम के अनुसार व्यापार करने वाले व्यापारियों का भी नुकसान कर रहे हैं। छोटे फैक्ट्रियों व उद्योग धंधों को चलाने के लिए सब्सिडी में कोयला मिलता है। कुछ व्यापारी बंद फैक्ट्रियों के नाम पर सब्सिडी में कोयला प्राप्त कोल मंडी में लकर बेचते हैं। कहा जाता है कि कोयल के इस काले धंधे में न सिर्फ व्यापारी बल्कि सफेदपोश भी लिप्त हैं।
छोटे उद्योग धंधों को संचालित करने के लिए कोल इंडिया सस्ते दर पर कोयला आवंटित करती है। वहीं बेचने के लिए कोइलरी से कोयले की निलामी की जाती है। यहां अधिक बोली लगाकर कोयला खरीदा जाता है और व्यापारी चंदासी मंडी में लाकर कोयला बेचते हैं। यहां से ईट भट्ठे सहित अन्य उद्योगों के लिए कोयला खरीद फरोख्त होती है। दो वर्ष पहले फैक्ट्रियों के कोयला आवंटन पर सरकार ने रोक लगा दी थी। इस पर कुछ व्यापारी न्यायालय की शरण में चले गए। कोर्ट के आदेश पर एक वर्ष पहले फिर से कोयला आवंटन होने लगा। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र, त्रिलोचन महादेव, चुनार, जौनपुर के छोटे-छोटे उद्योगों के नाम पर कोयला आवंटित किया जा रहा है लेकिन इसके साथ ही इसका गोरखधंधा भी चालू हो गया है। कुछ व्यवसायी बंद फैक्ट्रियों के नाम पर कोयला आवंटित कराकर उसे मंडी में लाकर बेच रहे हैं। सस्ते दर पर कोयला मंडी में जल्दी बिक जाता है। वहीं निलामी में कोयला खरीदने वाले व्यापारियों का कोयला महंगे दर पर बिकता है। इससे वे व्यापारी परेशान होते हैं।