चंदौली। पोस्ट कोविड से ग्रसित मरीजों में अत्यधिक थकान, कमजोरी, अनिद्रा समेत तमाम तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं। लेकिन इसका समाधान आयुर्वेदिक चिकित्सा के जरिए संभव है। ये बातें शुक्रवार को आयुष जन चिकित्सालय व स्वास्थ्य समिति की ओर से शुक्रवार को आयोजित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में चिकित्सक डॉ. चांदनी गुप्ता ने कही।
उन्होंने कहा कि कोविड अपना प्रकोप आज भी कायम रखा हुआ है। वहीं जो लोग पोस्ट कोविड से ग्रसित हुए थे। वह आज तमाम तरह के शारीरिक परेशानी से जुझ रहे हैं। इसमें अत्यधिक थकान बना रहना, थोड़े श्रम करने से श्वास फूलना, खांसी, सिर दर्द, मांसपेशी शूल, जोड़ों में दर्द, कभी-कभी छाती में दर्द, शरीर में झुनझुनाहट, स्मृति हानि, कमजोरी, अनद्रिा, अतिसार, त्वचा की रूक्षता, बालों का ज्यादा झड़ना, चक्कर आना, एकाग्रता आदि समस्या व लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इससे निजात पाने के लिए आयुष मंत्रालय शोध पर शोध जारी रखा हुआ है। लेकिन भारत का आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सा अपना विशेष महत्व रखता है। जो पोस्ट कोविड से ग्रस्त हुए मरीजों का सफल इलाज कर रहा है। इस दौरान डॉ. एस गौड़, सुमित सिंह, डा. रामअवतार, रंगनाथ वैद्य, तेजबली सिंह, मीरा वैद्य, अधीश कुमार सिंह, कैलाश प्रसाद, श्रवण कुमार रहे।