सरपतहां स्थित सीएमओ कार्यालय सभागार में शुक्रवार को मातृ स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिसमें प्रसवोत्तर रक्तस्राव की रोकथाम, प्रबंधन और नॉन-न्यूमेटिक एंटी-शॉक गार्मेंट उपकरण के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। अमूमन देखा जाता है कि प्रसव के बाद रक्तस्राव नहीं रुकता है।
इससे महिला की स्थिति गंभीर हो जाती है। साथ ही मौत होने का डर भी रहता है। ऐसे स्थिति में एनएएसजी उपकरण के उपयोग की विधि भी बताई गई।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार और सीएमओ डॉ. एसके चक के निर्देश पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय और छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित एएनएम, स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रतिभाग किया।
प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला चिकित्सालय पर दो-दो एनएएसजी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। ये उपकरण आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल जीवनरक्षक सहायता प्रदान करेंगे। इनसे मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र तक सुरक्षा मिलेगी। डॉ. रामपाल यादव, डॉ. कृष्णा चंद्र दुबे, डॉ. राजू सिन्हा और ज्योति ने बार-बारी से प्रशिक्षण दिया।
डॉ. कृष्णा दुबे ने एनएएसजी उपकरण के महत्वपूर्ण अंगों और इसे पहनाने-हटाने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई। कहा उपचार में देरी मरीज की स्थिति गंभीर कर सकती है, इसलिए रक्तस्राव की शीघ्र पहचान और एनएएसजी का सही प्रयोग करें। प्रशिक्षण में डिप्टी सीएमओ डॉ. आरबी पाठक, डॉ. निलमा धवन आदि रहे।