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वेबसाइट खुलने के दो मिनट बाद ही खत्म हो जा रहा टोकन

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पीडीडीयू नगर। चंदौली में धान खरीद में किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों के हड़ताल की वजह से दो दिन धान की खरीद ठप रही। अब जब खरीद शुरू भी हुई है तो किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा है। वेबसाइट खुलने के मात्र दो मिनट बाद ही टोकन खत्म हो जा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे किसानों को है। उनको ऑनलाइन की जानकारी भी नहीं है। ऐसे में टोकन के लिए वे साइबर पर निर्भर हैं। हाड़कंपाती ठंड और कोहरे में भोर से ही साइबर पर पहुंच जा रहे हैं। सुबह 10 बजे जैसे ही साइट खुल रही है, वैसे ही टोकन खत्म हो जा रहा है और वे निराश होकर वापस चले आ रहे हैं। यह रोजाना की स्थिति है। किसानों को समझ नहीं आ रहा कि वे क्या करें। कई लोगों ने इस समस्या के समाधान के लिए केंद्रीय मंत्री, डीएम और विधायक से गुहार भी लगाई है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन जानबूझ कर हम किसानों को परेशान कर रहा है कि मजबूर होकर हमे औने-पौने दाम पर धान को बिचौलियों को बेचना पड़े।
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पीडीडीयू नगर। बबुरी थाना क्षेत्र के खरीद गांव निवासी कमलाकांत तिवारी पिछले दस दिनों से ऑनलाइन टोकन के लिए परेशान हैं पर उनको टोकन नहीं मिल रहा है। उन्होंने बीएचयू में पढ़ रहे अपने पुत्र दुर्गेश तिवारी से समस्या बताई। दुर्गेश ने बताया कि सुबह पांच बजे से मैं और मेरा दोस्त दोनो लोग दो कम्प्यूटर पर साइट खोलकर बैठे थे। 10 बजे जैसे ही साइट खुली। वैसे ही पांच मिनट के अंदर टोकन खत्म होने का संकेत आने लगा। यही नहीं अगले दो दिनों तक का टोकन बिका दिखाने लगा। दुर्गेश ने उनको ट्वीट करके लिखा कि इस व्यवस्था से किसानों को अपना धान बिचौलियों को बेचने पर मजबूर किया जा रहा है। रेलवे के तत्काल टिकट से भी कम समय में टोकन समाप्त हो जा रहा है।
पीडीडीयू नगर। सैयदराजा क्षेत्र के निवासी प्रिंकेश सिंह ने केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधायक सुशील सिंह को ट्वीट कर धान खरीद में हो रही लापरवाही की शिकायत की और समस्या के समाधान की गुहार लगाई। प्रिंकेश ने लिखा कि किसान धान बेचने के लिए टोकन के लिए काफी परेशान हैं। सुबह 10 बजे टोकन के लिए वेबसाइट खुलती है और दो मिनट बाद टोकन खत्म होता है। आप लोगों से निवेदन है कि हम लोगों का धान क्रय केंद्र पर बेचने के लिए नया सुझाव दें।
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पीडीडीयू नगर। बरहनी ब्लॉक के डिग्घी गांव निवासी अंकुर राय भारतीय जनता पार्टी के आइटी सेल में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से मैं और गांव के कई लोग टोकन के लिए परेशान हैं। पर टोकन नहीं मिल रहा है। जिले के अधिकारियों और बिचौलियों ने पूरे जिले में जैमर लगा दिया है। एक सहकारी समिति पर रोजाना सात सौ क्विंटल धान की खरीद होनी चाहिए पर नवीन मंडी के अलावा जिले में कहीं भी खरीद नहीं हो रही है। अंकुर ने सीएम योगी और अपने विधायक सुशील सिंह को ट्वीट कर शिकायत भी किया है।
पीडीडीयू नगर। बरहनी ब्लॉक के पिपरी गांव निवासी अभिजीत राय ने बताया कि ऑनलाइन टोकन के चलते काफी दिनों से परेशान रहे।क्रय केंद्र पर धान रखा रहा, टोकन मिलते-मिलते बारिश हो गई और धान भीग गया। क्रय केंद्र पर फ्रेश धान में खुलेआम प्रति क्विंटल छह किलो कटौती की जाती है।धान भीगने का कारण बताकर छह किलो और यानि अब प्रति क्विंटल 12 किलो की कटौती की जा रही है। जिला विपणन अधिकारी अनूप श्रीवास्तव को फोन किया तो वे कह रहे हैं कि प्रभारी से लिखित ले लीजिए। प्रभारी भला कहां से लिखित देगा। वह ऊपर से धमकी दे रहा है कि धान बेचना है तो बेचो वरना बोड़ा उलाट दूंगा। कोई किसानों का दर्द समझने वाला नहीं है। किसी तरह धान बिक जाए इस लाचारी में हम किसान सब कुछ सह रहे हैं। अधिकारियों की मिलीभगत से खुलेआम किसानों को लूटा जा रहा है।
रेलवे का तत्काल टिकट की तरह टोकन की बुकिंग हो रही है। एक क्रय केंद्र पर एक दिन में चार सौ क्विंटल खरीदने की सीमा है। इससे ज्यादा किसान टोकन के लिए लगे हुए हैं। सीमा के अनुसार किसानों को टोकन मिल रहा है। बाकी किसानों को धैर्य रखना होगा। धीरे-धीरे सभी किसानों के धान खरीदे जाएंगे। रही बात कटौती कि तो हम भीगा धान नहीं खरीद सकते, जब तक वह सूख न जाए।-अनूप श्रीवास्तव, विपणन अधिकारी, चंदौली
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