जेल गया शिवपाल का भाई नंदकिशोर भी छह बार नेशनल जूनियर चैंपियन रहा
शिवपाल के साथ मारपीट, चेन छिनैती और तमंचा लहराने के मामले में दूसरा आरोपी और उनका भाई नंदकिशोर सिंह भी जेवलिन थ्रो का नेशनल लेवल के खिलाड़ी हैं। नंदकिशोर सिंह भाला फेंक में छह बार नेशनल जूनियर चैंपियन रह चुका है। शिवपाल के पिता रामाश्रय सिंह भी भाला फेंकते थे। वे अभी उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं। शिवपाल के गुरू चाचा जगमोहन सिंह नेवी में जेवलिन थ्रो के कोच हैं।
पिकअप चालक से मारपीट के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार सुबह चहनियां चौराहे पर दो बुलेट मोटरसाइकिलों से पहुंचे युवकों ने एक पिकअप चालक के साथ मारपीट की और कथित रूप से पिस्टल लहराकर दहशत फैलाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही पुलिस ने मोहरगंज चौकी के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने स्वीकार किया कि पूर्व में दर्ज मुकदमे के वादी पर दबाव बनाने और क्षेत्र में अपना प्रभाव दिखाने के उद्देश्य से यह हरकत की गई थी।
झाड़ियों से बरामद हुई चेन और पिस्टल
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान नंदकिशोर सिंह की निशानदेही पर सड़क किनारे झाड़ियों में छिपाई गई सोने की चेन और .32 बोर की पिस्टल बरामद की गई। इसके बाद मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं जोड़ते हुए तीनों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया।
देश के लिए जीते थे पदक, ओलंपिक तक पहुंचे थे
शिवपाल सिंह चंदौली जिले के धानापुर ब्लॉक के हिंगुत्तरगढ़ गांव के निवासी हैं। वर्ष 2019 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया था। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 86.23 मीटर रहा है। मार्च 2020 में दक्षिण अफ्रीका में 85.47 मीटर भाला फेंककर उन्होंने टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया और वर्ष 2021 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि टोक्यो ओलंपिक में वे जीत नहीं पाए।
लक्ष्मण पुरस्कार से भी हो चुके हैं सम्मानित
बेहतरीन खेल प्रदर्शन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 में शिवपाल सिंह को प्रदेश के प्रतिष्ठित लक्ष्मण पुरस्कार से सम्मानित किया था। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें यह सम्मान दिया। हालांकि इसके बाद डोपिंग मामले में उन पर प्रतिबंध लगा, जिससे उनका खेल करियर प्रभावित हुआ। वर्तमान में वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में जैवलिन खिलाड़ियों को बतौर कोच प्रशिक्षण दे रहे थे।
यह जानकारी हुई कि आरोपियों में शिवपाल सिंह ओलंपिक खेल चुके हैं, कुछ गलत न हो जाए इसलिए मामले की पूरी सघनता से जांच की गई लेकिन वायरल वीडियो में वे खुद ही तमंचा लहराते दिख रहे थे। कानून सबसे लिए बराबर है। जो अपराध करेगा उसपर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। उनपर भी कार्रवाई हुई। - आकाश पटेल, एसपी, चंदौली