बबुरी। जमीन की पैमाइश कराने के लिए वर्षों से तहसील और थाने के चक्कर काट रहे 90 वर्षीय किसान प्रभु नारायण मौर्य की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। बबुरी थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में बृहस्पतिवार को दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार चित्रगुप्त सागर, नायब तहसीलदार, लेखपालों और पुलिस के साथ गांव पहुंचे। विवादित जमीन का निरीक्षण कर उन्होंने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।
सलेमपुर निवासी प्रभु नारायण मौर्य का गांव के कुछ लोगों से लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा था। परिजनों के अनुसार उन्होंने कई बार तहसील में प्रार्थना पत्र देकर जमीन की पैमाइश कराने की मांग की, लेकिन मामला टलता रहा। हर सुनवाई पर उन्हें नई तारीख मिल जाती थी, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान रहते थे। बताया जाता है कि बृहस्पतिवार को भी प्रभु नारायण मौर्य बबुरी थाने गए थे। घर लौटने के बाद उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वह गिर पड़े। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद तहसील प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। तहसीलदार चित्रगुप्त सागर ने राजस्व टीम के साथ विवादित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों पक्षों को निर्देश दिया गया कि पैमाइश होने तक यथा स्थिति बरकरार रखी जाए। किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या कब्जा करने का प्रयास करने पर कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार ने मृतक के परिजनों को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा। तहसीलदार चित्रगुप्त सागर ने कहा कि यथा स्थिति बरकरार कर दिया गया है। सोमवार को पक्की पैमाइश करा कर मामले को निस्तारित किया जाएगा।