अमर उजाला लाइव
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विद्यालय में 235 बच्चों का नामांकन, कक्षा में मिला सिर्फ एक
-विकास खंड नौगढ़ के कंपोजिट विद्यालय, बैरगाढ़ का मामला
-अध्यापकों ने कहा, गांव में चला रहे हैं स्कूल चलो अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-27
नौगढ़। एक ओर सरकार स्कूल चलो अभियान के तहत बच्चों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्कूल में नामांकन कराने में जुटी है, दूसरी ओर अभिभावकों और अध्यापकों की लापरवाही से बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को विकासखंड के बैरगाढ़ कंपोजित विद्यालय की पड़ताल की तो स्थिति हैरान कर देने वाली थी। विद्यालय में 235 बच्चों का नामांकन है पर मौके पर कक्षा में केवल एक बच्चा मिला। विद्यालय में भी केवल एक शिक्षक ही मिले। उन्होंने बताया कि अन्य अध्यापक स्कूल चलो अभियान के लिए गांव में गए हैं।
जिले के पिछड़े क्षेत्र नौगढ़ में शिक्षा का भी स्तर काफी पिछड़ा हुआ है। शासन और शिक्षा विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी समस्याएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। विकासखंड के कंपोजिट माध्यमिक विद्यालय बैरगाढ़ में मंगलवार पहुंची अमर उजाला की टीम पहुंची । विद्यालय में 235 बच्चों का एडमीशन है पर कक्षा में एकमात्र बच्चा ही पढ़ते हुए दिखा वह भी खुद से। विद्यालय में मात्र एक अध्यापक थे। उन्होंने बताया कि अन्य अध्यापक स्कूल चलो अभियान के लिए गांव में गए हैं।
आखिर एक सवाल यह भी उठता है कि क्या स्कूल बंद कर स्कूल चलो अभियान चलाना ठीक है। या फिर क्षेत्र के अभिभावक जागरूक नहीं है जो बच्चों को नहीं भेजते। वैसे अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते। जबकि विद्यालय में प्रधानाध्यापक के अलावा पांच सहायक अध्यापक और तीन शिक्षामित्रों की तैनाती है। मौके पर एक सहायक अध्यापक हेड मास्टर की कुर्सी पर बैठे मिले। पूछने पर बताया कि हेड मास्टर और सहायक अध्यापक बस्ती में बच्चों को बुलाने गए हैं। कुछ देर बाद करीब नौ बजकर दस मिनट पर प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पहुंचे। लेकिन एक भी बच्चे उनके साथ नहीं थे। इनमें भी दो सहायक अध्यापका और दो शिक्षामित्र नहीं पहुंची थी।
कोट---
विद्यालयों में बच्चों को आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अध्यापकों के स्तर से कोई लापरवाही हुई तो कार्रवाई की जाएगी। दो सहायक अध्यापकों और दो शिक्षामित्रों को अनुपस्थित कर दिया गया है।-अवधेश नारायण सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, नौगढ़
रिपोर्ट-अशोक जायसवाल
संपादन-अमरेंद्र पांडेय