नियामताबाद। विकासखंड के जफरपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र फेज टू के विस्तारीकरण के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन के विरोध में किसानों ने बृहस्पतिवार को नोटिस लेने से इंकार कर दिया। साथ ही सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। इससे यूपीएसआईडीसी के कर्मचारियों को बगैर नोटिस दिए वापस लौटना पड़ा। चेताया कि यदि उनकी जमीनें जबरन अधिग्रहित करने की कोशिश की गई तो अपनी जमीन बचाने के लिए वे संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे।
औद्योगिक क्षेत्र फेज टू के विस्तार के लिए लंका रोड व नेशनल हाईवे के बीच जफरपुर, हिसामपुर व चंदरखा गांव की करीब 64 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। बृहस्पतिवार को यूपीएसआईडीसी के कर्मचारी दिलीप मिश्रा व लालजी यादव अधिग्रहण से प्रभावित हो रहे 57 किसानों को नोटिस देने के लिए जफरपुर पहुंचे। उनके पहुंचने पर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नोटिस लेने से इंकार कर दिया। इस दौरान किसानों ने कहा कि उनके गांव की उपजाऊ व कीमती जमीन पहले ही औने पौने दाम में यूपीएसआईडीसी को आवंटित कर दी गई है। अब प्रशासन उनकी करीब 64 बिस्वा जमीन बहुत ही कम दर पर लेने को आमादा है। साथ ही बगैर किसानों की सहमति उक्त जमीनों को सरकारी दस्तावेजों में यूपीएसआईडीसी का दर्ज कर दिया गया है। इससे उनके सामने समस्या आ जाएगी। कहा कि अगर किसानों की जमीन अधिग्रहित करना है तो बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा उन्हें दिया जाए। यदि उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो किसी भी कीमत पर वे अपनी जमीन औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए नहीं देंगे। किसानों का अड़ियल रूख देखते हुए कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शन करने वालों में ग्रामप्रधान चंद्रजीत यादव बबलू, दशरथ, शिवकुमार, इंद्रदेव, उदयनारायण, कुलबुल, चिंता, बच्चन, मुराहू, अरविंद, रामप्रसाद, रामेश्वर सिंह, अर्जुन सिंह, श्यामा देवी, हजारीलाल, मुराहु आदि शामिल रहे।