उत्तराखंड में हुई भीषण बारिश, बाढ़ और प्रदेश में जगह जगह बरसात से गंगा के जलस्तर में तेज वृद्धि हो रही है। तटीय इलाके के लोगों के अनुसार गंगा के जलस्तर में 15 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। पिछले दो दिनों से करीब 24 फीट पानी बढ़ चुका है। पानी बढ़ने की यही रफ्तार रही, तो तटवर्ती इलाकों में जल्द ही बाढ़ आ सकती है।
जलस्तर में वृद्धि के साथ ही कटान का क्रम भी शुरू हो गया है। इसको लेकर किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। इससे चहनियां क्षेत्र के कैली, कुरहना, महड़उरा, कांवर, महुआरी, बलुआ, पुरा गनेश, पुरा विजयी, महुअर कला, टांडाकला, सोनबरसा, सरौली, महमदपुर, हसनपुर तिरगांवा, बड़गांवा, नादी, निदौरा धानापुर क्षेत्र के जद्दोचक, दीया, प्रसहटा, बुधपुर, हिंगुतरगढ़, नौघरा, रायपुर, नरौली के लोग परेशान हैं। इसी तरह अमादपुर तो पड़ाव क्षेत्र के कुंडा कला, कुंडा खुर्द, छेमिया, बहादुरपुर, दुलहीपुर और मुगलसराय क्षेत्र के मवई, सहजौर, रौना, कुरहना, कैली, भूपौली सहित दर्जनों गांवों में अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बावजूद इसके अभी प्रशासनिक तैयारियों के नाम पर कुछ नहीं दिख रहा है। न तो गांवों में एलर्ट जारी किया गया है और न ही बाढ़ के मद्देनजर संवेदनशील गांवों की सूची तैयार की गई है। कटान से बचाव के भी कोई उपाय नहीं हुए हैं।