दहेज हत्या के आरोपी शिक्षक जाकिर हुसैन (34) ने मंगलवार की भोर में सैयदराजा थाने के लॉकअप में फांसी लगाकर जान दे दी।
सुबह
घटना का पता चलते ही थाने पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान कई
थानों की पुलिस बुला ली गई। प्रदर्शनकारी घटना की निष्पक्ष जांच कराने की
मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम और पुलिस
अधीक्षक मुनिराज जी ने लोगों को शांत कराया।
उन्होंने प्रथम द़ृष्ट्या
लापरवाही के आरोप में थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर
दिया है। उधर, डीएम ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
नगर
के वार्ड नंबर छह अबुल कलाम नगर निवासी शिक्षक जाकिर हुसैन की पत्नी रैबी
खातून की आठ जून को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में
मायके पक्ष की ओर से पति जाकिर समेत छह लोगों के खिलाफ सैयदराजा थाने में
दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
तब से ही पुलिस जाकिर की तलाश में
थी। सोमवार को सैयदराजा पुलिस ने उसे कस्बे से गिरफ्तार कर कस्टडी में रखा
था। पुलिस के मुताबिक मंगलवार की भोर में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने
देखा कि जाकिर ने अपनी शर्ट का फंदा बनाकर लॉकअप में बने शौचालय की बीम से
झूलकर आत्महत्या कर ली है।
पुलिसकर्मी ने इसकी सूचना थानाध्यक्ष को दी।
मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष विनोद यादव ने सुबह लगभग साढ़े पांच बजे आननफानन
में शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। जाकिर हुसैन
बरहनी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भुजना में तैनात था।
उधर, घटना की
जानकारी मिलते ही मंगलवार की सुबह सैकड़ों की संख्या में लोग थाने पहुंचकर
निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जाकिर ने
आत्महत्या नहीं की है, बल्कि पुलिस ने उसे पीट-पीटकर मार डाला।
मौके पर
मौजूद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने नाराज लोगों को समझाकर शांत कराया।
जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते
हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं, जबकि पुलिस अधीक्षक ने बताया कि
प्रथम दृष्टया लापरवाही को देखते हुए थानाध्यक्ष विनोद यादव, एक मुंशी और
पहरे पर तैनात संतरी को निलंबित कर दिया गया है।