मौसम की मार के कारण लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। ऐसे में मरीजों की भीड़ के आगे जिला अस्पताल के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। अस्पताल में बेड फुल हैं। अब बेड के लिए मरीजों को पैरवी करनी पड़ रही है। वहीं गंभीर मरीजों के चलते बेड खाली न होने पर चिकित्सक मरीजों को गैलरी में बेंच, कुर्सी पर बैठाकर उपचार कर रहे हैं। सोमवार को ओपीडी में एक हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे।
मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इससे जिले के सरकारी अस्पतालों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। वहीं सीएमएस उर्मिला सिंह जिला अस्पताल में बढ़ती भीड़ के लिए सीएचसी व पीएचसी पर इसका ठीकरा फोड़ रही है। 100 शैय्या युक्त संयुक्त जिला अस्पताल में बेड फुल हैं। गंभीर मरीजों का इलाज बेंच, कुर्सी और स्ट्रेचर पर लिटाकर करना पड़ रहा है। ऐसा पिछले कई दिनों से है, वहीं दो दिन की छुट्टी के बाद लोगों को ओपीडी में मरीज दिखाने के लिए धक्का खाना पड़ रहा है। सोमवार को आरिफ अपने पिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सभी बेड फुल थे। चिकित्सकों और स्टाफ के लोगों से मिन्नतों पर एक बेंच पर बैठा दिया गया। दरवाजे पर ग्लूकोज की बोतल टांग कर उसे लगा दी गई। ऐसा ही मुन्ना के साथ भी देखने को मिला, जो भी पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। जिसे बेड न मिलने पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कई अन्य मरीज भी थे जिनका स्ट्रेचर व्हील चेयर पर देखने को मिला। इस बाबत जिला अस्पताल की सीएमएस डाॅ.उर्मिला सिंह ने बताया कि गर्मी के चलते मलेरिया, डायरिया के मरीज बढ़े हैं.सीएचसी पीएचसी पर जाने वाले मरीजों को भी लोग जिला अस्पताल रेफर कर दे रहे है जिनका इलाज वहां संभव था। जिसके चलते यहां मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड कम पड़ रहे हैं। मरीजों को इलाज की प्राथमिकता को देखते हुए इलाज किया जा रहा है।