सीडीओ ने राज्य पोषण मिशन की शुक्रवार की दोपहर विकास भवन में आयोजित बैठक
में अनुपस्थित रहने वाले चौबीस जिला स्तरीय अधिकारियों का एक दिन का वेतन
काटने का निर्देश दिया। कहा कि सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा जाए।
अधिकारियों से गांवों का दौरा करने के भी निर्देश दिए।
सीडीओ
जगदीश सिंह ने कहा कि समेकित बाल विकास सेवा योजना के तहत आयोजित राज्य
पोषण मिशन कार्यक्रम प्रदेेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है।
कुपोषण
रोकने और मातृ मृत्युदर कम करने के लिए सरकार काफी गंभीर है। ऐसे में सभी
अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए पूरे
मनोयोग से कार्य करें। कहा कि अधिकारियों के निरीक्षण आख्या के प्रारूप
में कुछ परिवर्तन किया गया है।
अधिकारी अपने गोद लिए गांवों का निरीक्षण
करने के दौरान फोटोग्राफी भी कराएंगे। इस संबंध में प्रत्येक माह 25 से 30
तारीख तक रिपोर्ट कार्यालय को प्राप्त हो जानी चाहिए। निरीक्षण में
कुपोषित बच्चों की स्थिति, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बनने वाले हाट कुक्ड का
जायजा लेकर रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
एएनएम और आशाओं का नाम प्रारूप पर अंकित करेंगे। इसके अतिरिक्त गर्भवती
महिलाओं की संख्या, उनको दी जाने वाली सुविधाओं की स्थिति का विवरण भी देना
होगा। कहा कि एनीमिया पर विशेष नजर रखनी होगी। जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन
सात से कम है ऐसे महिलाओं पर काफी ध्यान देना होगा। कहा कि ऐसी शिकायत मिल
रही है कि अधिकारी गांवों का दौरा नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने बैठक में
अनुपस्थित रहने वाले विभिन्न विभागों के 24 अधिकारियों का एक दिन का वेतन
काटने का निर्देश जारी किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास डा. आशा राय
ने बताया कि जिले के अधिकारियों द्वारा कुल 102 गांव गोद लिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एक-एक गांव देने की योजना बनाई गई है। इस
अवसर पर सीएमओ डा. आरएन सिंह, सीडीपीओ एसके राय, राजेंद्र कुमार, नवीन आदि
उपस्थित रहे।