चकिया। जिला पंचायत अध्यक्ष तथा ब्लाक प्रमुखों का चुनाव अप्रत्यक्ष मतदान प्रणाली से कराये जाने के कारण चुनावो के दौरान हार्स ट्रेडिंग या मतदाता प्रतिनिधियों के खरीद फरोख्त को बढ़ावा मिल रहा है। जिससे धन तथा बल के अभाव वाले प्रतिभावान सदस्यो को चुनाव लड़ने का मौका ही नहीं मिल पाता है। हार्स ट्रेडिंग को रोकने के लिए इन चुनावो को सीधे जनता से कराने की मांग पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। इन पदों पर भी जनप्रतिनिधियों के चुनने के लिए जनता को अधिकार मिलने चाहिए। ऐसा नहीं होने से इन पदों पर चुनाव लड़ने वाले जनप्रतिनिधियों में मायूसी का माहौल है।
नई पंचायत राज प्रणाली के तहत ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा जिला पंचायत सदस्य का चुनाव सीधे जनता से प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से कराने की संस्तुति की गयी है लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष तथा क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लाक प्रमुख) का चुनाव जिला पंचायत सदस्यो एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यो के अप्रत्यक्ष मतदान से कराने का निर्धारण किया गया है। चन्दौली जनपद में कुल 9 ब्लाक प्रमुख तथा एक जिला
पंचायत अध्यक्ष का पद है। इन पदो पर चुनाव लड़ने के लिए धन, बल एवं बाहुबल हावी होता जा रहा है। जिससे इन चुनावो में जीत हासिल करने केलिए करोड़ो रूपये खर्च करने की परिपाटी बन गयी है। जिससे धन बल व बाहुबल के अभाव वाले प्रतिभावान जनप्रतिनिधि चुनाव लड़ने से स्वत: ही वंचित हो जाते है। आगामी पंचायत चुनावो में भी यही परिपाटी जारी रहने की पूरी उम्मीद है। पंचायत चुनाव के नियमों में बदलाव की जरूरतचकिया। जिला पंचायत अध्यक्ष तथा ब्लाक प्रमुखो के चुनाव के दौरान होने वाली हार्स ट्रेडिंग (खरीद फरोख्त) को रोकने के लिए इन दोनो पदो का भी चुनाव जनता के मतदान से कराने की जरूरत है। मूसाखाड़ गांव के जनप्रतिनिधि शम्भूनाथ यादव ने कहा कि पंचायत चुनावो में खरीद फरोख्त की राजनीति बंद होनी चाहिए जिससे ग्रामीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। चुनाव के निमयों में बदलाव की जरूरत है। वामपंथी नेता अजय राय ने कहा कि ब्लाक प्रमुख तथा जिला पंचायत चुनाव में भारी धन का निवेश करने वाले चुने गये प्रतिनिधि सरकारी धन का दुरूपयोग करते है, इसलिए इन चुनावो को भी सीधे जनता से कराने की जरूरत है। समाजसेवी एंव डा. गीता शुक्ला ने कहा कि खरीद फरोख्त की राजनीति भारतीय लोकतंत्र के लिए घातक है इसलिए पंचायत चुनाव में खरीद फरोख्त की राजनीति पर विराम लगाना सरकार का दायित्व है। वामपंथी नेता लालचंद सिंह ने कहा कि ब्लाक प्रमुख एवं जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना आम जनप्रतिनिधि के बस की बात नही है इसलिए इमानदार एवं विकास के प्रति सजग रहने वाले जनप्रतिनिधि के चुनाव के लिए अप्रत्यक्ष मतदान प्रणाली को बंद करना आवश्यक है।