जिले के नगर निकायों में रहने वाले गरीब लोगों को कम किराये पर आशियाना उपलब्ध कराने की शासन की योजना है। अर्फोडेबुल रेंटल हाऊसिंग काम्प्लैक्स योजना (एआरएचसी स्कीम) के तहत इसके लिए शासन नगर निकायों में विभिन्न योजनाओं के तहत आधे-अधूरे बने आवासों को आरएफपी मॉडल के तहत मरम्मत व सुंदरीकरण कराकर उसे नगर निकाय प्रशासन के माध्यम शहरी गरीबों को किराये पर उपलब्ध कराया जाएगा। जिले अंतर्गत चारों नगर निकायों में कुल 360 आवास है जिन्हें इस योजना के तहत किराये पर दिया जाएगा।
दरअसल, शहरी गरीबों के लिए शासन स्तर से विभिन्न योजनाओं के तहत आवास बनाए गए है। इसमें कई योजनाओं के आवास धन के अभाव में अधूरे रहे गए। उन आवासों में खिड़की, दरवाजे नहीं लगे है वहीं रंगाई पुताई का भी अभाव है। ऐसे आवासों को शासन ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) मॉडल के तहत नगर निकाय के माध्यम से निजी संस्थाओं को 25 वर्ष के लिए लीज पर देते हुए मरम्मत व सुंदरीकरण कराए जाने के बाद उन्हें शहरी गरीबों को एआरएचसी योजना के तहत कम किराये पर देने की योजना है। जिले में ऐेसे 360 आवास है जिन्हें किराये पर दिया जाएगा। इसमें कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत नगर पंचायत चंदौली क्षेत्र में 144 आवास व इंटीग्रेटेड हाउसिंग एंड स्लम डेवलेपमेंट प्रोग्राम (आईएचएसडीपी ) के तहत 216 आवास हैं। इसमें 36 आवास पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में व शेष 180 आवास चंदौली नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित है। शासन से मिले पत्र के बाद डूडा विभाग की ओर से नगर निकायों को इसे सौंपने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी किराये का निर्धारण
निजी संस्थाओं के माध्यम से आवासों की मरम्मत और संदरीकरण कराये जाने के बाद इसे गरीब लोगों को कम किराये पर दिये जाने की योजना है। ऐसे में किराये का निर्धारण डीएम की अध्यक्षता गठित तीन सदस्यीय टीम करेगी।
एआरएचसी स्कीम के तहत कम किराये पर गरीबों को आवास उपलब्ध कराये जाने की योजना है। योजना के तहत जिले में 360 आवास हैं जिन्हें नगर निकायों को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है। संजय मौर्य, परियोजना अधिकारी, डूडा, चंदौली