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Chandauli News: सीजन की सबसे ज्यादा बारिश, घराें में घुसा पानी

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शिकारगंज के अमरा दक्षिणी गांव के पास गरई नदी उफान के कारण पुल पर पानी बहने से चकिया-अहरौरा मार् - फोटो : samvad
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पीडीडीयू नगर। जिले में शुक्रवार की रात 130 मिमी बारिश हुई। बारिश के कारण जिले के विभिन्न इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर घुटने पर भर पानी भर गया। वहीं जिले के सभी बांध बढ़ गए। बांधों के जल स्तर को मेंटेन रखने के लिए पानी बहाना शुरू कर दिया गया। इससे बांधों से निकले नदियों के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूतम 26 डिग्री रहा जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 26 डिग्री रहा। जिले के चार बांधों और दो जलप्रपातों में भारी उफान रहा।
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मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के आस पास निम्न दाब क्षेत्र बने होने के कारण 22 से 25 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया था। शुक्रवार को दिन भर धूप छांव का खेल चलता रहा। वही रात 11 बजे बारिश शुरू हुई तो कभी तेज और कभी धीमी पूरी रात बारिश होती रही। गरज चमक के साथ हुई बारिश के कारण जगह जगह जल भराव की स्थिति हो गई। पीडीडीयू नगर के रविनगर, कैलाशपुरी, कालीमहाल, सिद्धार्थपुरम कॉलोनी, अलीनगर मुहल्लों के साथ ही रेलवे के यूरोपियन कॉलोनी, सेंट्रल कॉलोनी, लोको कॉलोनी सहित विभिन्न मुहल्लों में घुटने भर पानी भर गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह हो गई कि पूर्व मण्य रेलवे लोको मंडलीय अस्पताल परिसर में पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई। शनिवार को भी रुक रूक कर बारिश हुई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है।
नौगढ़। क्षेत्र में बारिश के कारण स्थानीय बाजार में पानी दुकानों और घरों में घुस गया। कूड़ा राज़वाहा नहर की वर्षों से सफाई न होने के कारण नौगढ़ बाजार में नहर पर बने पूल के पास कूड़ा जमा हो गया था। सेमरा गांव में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों ने सड़क काटकर पानी की निकासी की। बसौली ग्राम पंचायत के ललतापुर प्राथमिक विद्यालय का परिसर जलमग्न हो गया, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई। राजकीय महाविद्यालय नौगढ़ का परिसर पूरी तरह पानी में डूब गया, जिससे कक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज के परिसर में तालाब जैसी स्थिति बन गई है। नौगढ़ किला मार्ग पर जलभराव के कारण सैलानियों का आना-जाना बंद हो गया है, जिससे स्थानीय पर्यटन को झटका लगा है। संवाद
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चंद्रावती नाले में उफान, 20 से ज्यादा घरों में घुसा पानी
चकिया में चंद्रप्रभा नदी के मुजफ्फरपुर वियर से निकले चंद्रावती नाले में पानी का बहाव तेज होने से नाला उफान पर हो गया है। इसके चपेट में आने से शनिवार की सुबह वार्ड नंबर 2 पुरानी चकिया अंबेडकर नगर वार्ड नंबर 10 वार्ड नंबर 6 सिविल लाइन पूर्वी वार्ड नंबर तीन शमशेर नगर सहित तिलौरी गांव के 20 से ज्यादा लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। पानी घुसने से घुरहु धोबी उदरत बौड़म सोनकर मंगरुअली चुट्टन धोबी इस्लाम रंगरेज पिंटू जायसवाल अनिल मद्धेशिया के घरों में और शमशेर ब्रिज के पास स्थित राजकुमार गुप्ता के दुकान में चंद्रावती नल का पानी घुसने से हजारों रुपए का सामान नष्ट हो गया। संवाद

वनवासी बस्ती के घरों में घुसा पानी, किया प्रदर्शन
ताराजीवनपुर। नियामताबाद विकास खंड अंतर्गत कठौड़ी वनवासी बस्ती में शुक्रवार की रात में हुई तेज बरसात के कारण घरों में पानी घुस गया। बनवासी बस्ती की आबादी लगभग 400 है। यहां अभी भी आवास, शौचालय, नाली,खड़ंजा जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसके साथ ही रात में हुई तेज बरसात के कारण इनके बस्ती ही नहीं बल्कि एक दर्जन घरों में पानी घुस जाने के कारण इनका जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जल निकासी नहीं होने के कारण पेयजल, राशन,आवागमन के साथ तमाम समस्याएं बनी हुई है। इससे आक्रोशित वनवासियों ने शनिवार को जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में जितेंद्र बनवासी, राजकुमार बनवासी, राजू बनवासी, छांगुर,पुनवासी, मीना, रमावती,लक्ष्मीना, बाबूलाल प्रकाश, तूफानी, सुनीता, शंभू, पार्वती, उर्मिला, सुरेंद्र, मुंसे, गुड्डी आदि रहे।



सिंचाई विभाग के अनुसार शनिवार दोपहर तक विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश इस प्रकार रही –
-मूसाखांड : 60 मिमी
-चकिया : 45 मिमी
-लतीफशाह : 65 मिमी
-नौगढ़ : 50 मिमी
चंद्रप्रभा : 55 मिमी
बांधों का वर्तमान जलस्तर
नौगढ़ बांध का जलस्तर 895 फीट दर्ज किया गया है। इसे 31 अगस्त तक रेगुलेशन आदेश के अनुसार इसी स्तर पर बनाए रखने का प्रस्ताव है।
-मूसाखाड़ बांध का जलस्तर 354 फीट पर बनाए रखने का लक्ष्य है।
चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर 77,000 फीट तक पहुँच गया है।
नदियों में छोड़ा गया पानी
-नौगढ़ बांध से 10,800 क्यूसेक पानी
मूसाखाड़ बांध से 28,664 क्यूसेक पानी
लतीफशाह वियर से 31,076 क्यूसेक पानी
-चंद्रप्रभा बांध से 5,158 क्यूसेक पानी
-मुजफ्फरपुर वियर से 7,328 क्यूसेक पानी
लतीफशाह वियर से 41,591 क्यूसेक पानी
मिर्जापुर के अहरौरा बांध से भी 5,500
अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मौसम फिलहाल बादलयुक्त है। यदि आगामी दिनों में और वर्षा होती है तो डिस्चार्ज की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है। संबंधित नदियों कर्मनाशा, चंद्रप्रभा और गरई – के तटवर्ती गांवों को पहले से सूचित किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से बचा जा सके।
ग्रामीणों को अलर्ट रहने की अपील
सिंचाई विभाग ने नदियों के किनारे बसे ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लगातार पानी छोड़े जाने से नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में ग्रामीण किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।



गरई नदी के उफान से पुल पर रास्ता बंद, चंदौली मिर्जापुर मार्ग ठप
शिकारगंज। मिर्जापुर जनपद को अहरौरा के रास्ते शिकारगंज के माध्यम से चंदौली जनपद को जोड़ने वाली अमरा दक्षिणी गांव के पास शनिवार की सुबह बीती रात बरसात होने के कारण गरई नदी उफान पर हो गई जिससे जर्जर पुल के ऊपर पानी का बहाव तेज हो गया, जिससे दो जनपदों का आवागमन सुबह 6 बजे से ठप हो गया है। जिसके कारण यह मार्ग 12 घंटों से आवागमन करने वालों के लिए भारी मुसीबत बना हुआ है।

चकिया तहसील से मुगलसराय नगर नौगढ़ मार्ग को जोड़ते हुए बिहार प्रांत के मार्ग को भी जोड़ रहा है जिसके जरिए मुरारपुर से रघुनाथपुर मुजफ्फरपुर हेतिमपुर शिकारगंज होते हुए अमरा दक्षिणी गांव के पास गरई नदी के जर्जर पुल को पार कर मिर्जापुर जनपद को जोड़कर आवागमन को सुलभ करता है।

गरई नदी पर प्रतिवर्ष बरसात के मौसम में अहरौरा बांध से पानी छोड़े जाने पर नदी का बहाव तेज हो जाता है और पुराना जर्जर पुल के ऊपर पानी गुजरने के कारण आवागमन पूरी तरीके से ठप हो जाता है। शुक्रवार की रात्रि में भारी भरकम भर का बरसात हो जाने के कारण क्षेत्र में चारों तरफ जल जमाव का आलम बन गया है। अहरौरा बांध से 5500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर गरई नदी पुल पर पानी उफान पर चल रहा है। जिसके कारण सुबह 6 से समाचार दिए जाने तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा।

पुल के पास पहुंचे बिहार प्रांत के भभुआ निवासी राजेश्वर हरिनाथ अमरा दक्षिणी के रामप्रवेश यादव शिकारगंज के संजय कुमार राजेश योगेश राय छोटेलाल शर्मा बृजेश यादव मनीष कुमार ने बताया कि मिर्जापुर की ओर किसी आवश्यक कार्य से जा रहे थे लेकिन पुल पर पानी अधिक होने के कारण कुछ लोगों का जाना संभव नहीं हो पाया। और कुछ लोग वैकल्पिक रास्ते को तय कर अपने गंतव्य को गए। कोतवाल अर्जुन सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से गरई नदी पुल पर पानी आ जाने के कारण आवागमन न हो इसके लिए शिकारगंज चौकी पुलिस को निगरानी के लिए निर्देशित किया गया है।




बबुरी चंद्रप्रभा नदी में उफान, प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
बबुरी। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चंद्रप्रभा नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी का जलस्तर उसकी निर्धारित क्षमता को पार कर चुका है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बबुरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चितौड़ी के पास स्थित सीपी रेगुलेटर के फाटक को प्रशासन द्वारा खोल दिया गया है, जिससे लगभग 10,000 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
जलस्तर में इस तीव्र वृद्धि के कारण नदी के तटवर्ती इलाकों में खतरा बढ़ गया है। बबुरी थाना प्रभारी ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है, कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाएं। प्रशासन ने विशेषकर तट के पास बसे गांवों के लोगों को सचेत किया है।


बारिश से गिरे कच्चे मकान, चार परिवार बेघर
पीडीडीयू नगर। जिले में शुक्रवार की रात हुई तेज बारिश के कारण जगह जगह कच्चे मकान भरभराकर गिर पड़े। रात में चार मकान गिर गए। इससे चार परिवार बेघर हो गए। इन परिवार के लोग खुले आसमान के नीचे आ गए। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।
चहनिया विकास खंड के महरखां गांव में शुक्रवार की रात तेज बरसात होने के कारण रमौती देवी का कच्चा मकान भरभरा ढ़ह गया। संयोग अच्छा रहा कि जब मकान गिरने लगा तो परिजन घार के बाहर भाग निकले। इससे उनकी जान बच सकी। मकान गिरने से पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। शहाबगंज क्षेत्र एकौना गांव में तीन रिहायशी मकान धराशायी हो गए। इसके कारण परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। बारिश के कारण गांव की अवतारी देवी पत्नी हौशिला, बैजयंती पत्नी देवनाथ व अनुपला पत्नी शिवपूजन का कच्चा मकान अचानक गिर पड़ा। लेखपाल धनंजय जायसवाल ने गांव जाकर मौका मुआयना कर रिपोर्ट बनाकर तहसील प्रशासन को भेज दिया।वहीं जिगना गांव में शुक्रवार की रात भारी बारिश से गांव निवासी राम अवतार गुप्ता का दो मंजिला बना मुर्गी फार्म अचानक भरभरा कर गिर गया। हादसे में फार्म में पल रहे हजारों मुर्गे मलबे में दबकर मर गए। इस दुर्घटना से राम अवतार गुप्ता को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सूचना पाकर क्षेत्रीय लेखपाल दिनेश सिंह ने मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का मौका मुआयना किया। उन्होंने नुकसान का आकलन कर संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की बात कही।


उफान पर राजदरी-देवदरी जलप्रपात, रेलिंग के ऊपर से बहा पानी
राजदरी। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राजदरी-देवदरी जलप्रपात इन दिनों पूरी रफ्तार में बह रहा है। तेज बहाव के चलते झरने का पानी रेलिंग के ऊपर से बहने लगा, जिससे पर्यटकों के लिए खतरे की स्थिति बन गई है। शनिवार सुबह से ही झरने का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आसपास के छोटे नाले भी उफान पर हैं, जिससे जलप्रपात का नजारा और भी खतरनाक हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई सालों बाद जलप्रपात में इतना तेज बहाव देखने को मिला है। पानी का वेग इतना तेज है कि किनारों पर लगी बैरिकेडिंग भी हिलने लगी है। बावजूद इसके, तेज बारिश के बीच भी कई पर्यटक झरने की सुंदरता और रोमांच का लुत्फ उठाने पहुंचे। हालांकि, सुरक्षा कारणों से उन्हें झरने से सुरक्षित दूरी बनाकर रखने की सलाह दी गई।
भारी बारिश के कारण जलप्रपात का जलस्तर काफी बढ़ गया है और खतरे की आशंका बनी हुई है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त गश्त लगाई गई है। हमने लोगों से अपील की है कि वे झरने के किनारे न जाएं और पूरी तरह सुरक्षित दूरी बनाए रखें। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है, और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया जाएगा। रविवार को और भी पर्यटकों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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अखिलेश कुमार दुबे, रेंजर, चंद्रप्रभा अभयारण्य
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