धीना/धानापुर। आजमगढ़ में तैनात हेड कांस्टेबल वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव (52) के मौत से उसके पैतृक गांव देउवापुर में शोक की लहर है। मंगलवार को कांस्टेबल का अंतिम संस्कार वाराणसी के मर्णिकर्णिका घाट पर किया गया। गांव से गए पिता विश्वनाथ प्रताप सिंह यादव ने बेटे को मुखाग्नि दी। वीरेंद्र आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र में डायल 112 में तैनात थे। यहां सोमवार को तबियत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी मौत हो गई थी।
देउवापुर निवासी विश्वनाथ प्रताप सिंह यादव के चार बेटों में दूसरे नंबर के वीरेंद्र प्रताप वर्ष 1997 में पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुए। वर्तमान में उनका परिवार वाराणसी में रहता है। पत्नी कांति देवी, बड़ी बेटी मनीषा (विवाहित), दूसरी बेटी माया (23) और पुत्र विवेक (20) वाराणसी स्थित मकान पर रहते हैं। वे अक्सर गांव आते रहते थे। सोमवार की शाम छठ पर्व पर उनकी ड्यूटी थाना क्षेत्र के कड़सरा में शाम 3 बजे से लगी थी। ड्यूटी समाप्त कर वे अपने थाने लौट रहे थे कि रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथ चल रहे हमराही सिपाही ने तत्काल उन्हें संयुक्त चिकित्सालय, अतरौलिया पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को वीरेंद्र प्रताप के अंतिम दर्शन के लिए गांव से पूरा परिवार वाराणसी पहुंच गया। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को मणिकर्णिका घाट पर हेड कांस्टेबल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।