पीडीडीयू नगर। जिले में बुधवार को एक बार फिर आग ने तबाही मचाई। अलग अलग इलाकों में आग लगने से सौ बीघा से अधिक में लगी गेहूं, चना और सरसो की फसल जलकर राख हो गई। आग का सबसे विकराल रूप धीना क्षेत्र में दिखा। यहां देखते ही देख छह किलोमीटर दूरी तरह आग का प्रकोप हो गया। इस दौरान66 बीघा से अधिक की फसल नष्ट हुई। किसानों के घंटों प्रयास के बाद आग बुझी। इसी तहर चहनियां क्षेत्र में आग से बीस बीघा गेहूं, इलिया में छह, कंदवा में 16 बीघा गेहूं की फसल जल गई।
धीना। क्षेत्र के भैसउर गांव के सामने नहर के समीप सिवान में गेहूं के खेत में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग देखते ही दस गांवों के सिवान को अपनी चपेट में ले लिया। छह किलोमीटर तक फैली आग को किसानों ने अथक प्रयास कर बुझाया। इस दौरान फायर ब्रिगेड पहुंची लेकिन आग की विकरालता के आगे बेबस नजर आई। इस दौरान 66 बीघा से अधिक गेहूं, सरसो, चना की फसल राख हो गई। बुधवार की दोपहर में भैसउर गांव के सामने नहर के उत्तर की तरफ गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई। जब तक किसानों की नजर पड़ती आग ने विकराल रूप ले लिया। किसान शोर मचाते हुए आग बुझाने के लिए दौड़े। इसकी सूचना अग्नि शमन विभाग को भी दी गई। इस बीच आग की चिंगारी नहर और रेलवे लाइन को पार करते हुए दक्षिण की तरफ सिवान में पहुंच गई। किसान दौड़ते तब तक तेज रफ्तार आग भैंसउर, भैंसा कला, गोरखा, इमिलिया, मचवा ,भोलापुर, बरडीहा, कपसिया, डिग्घी, अमड़ा आदि गांवों तक पहुंच गई। सबसे खराब स्थिति डैना और गोरखा गांव की हुई। पूरा गांव आग से घिर गया। किसानों ने जान हथेली पर रख कर आग बुझाई। सूचना पाकर थानाध्यक्ष धीना अजीत कमार सिंह, एसआई शिव बाबू यादव, रामनरायन यादव दल बल के साथ किसानों के साथ आग बुझाने में जुटे रहे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां पहुंची लेकिन आग की रफ्तार के आगे नहीं टिक सके। यह गनीमत थी कि बड़े किसान हार्वेस्टर से फसलों को काट चुके थे लेकिन छोटे काश्तकार जिनकी फसल खेतों में थी अथवा बोझ बनाकर रखी गई थी। वह देखते ही देखते राख में तब्दील हो गई।
धीना। आग लगने से डैना गांव के मनोज राय का पांच एकड़, भैसउर के विनोद गुप्ता का 24 बिस्वा, सुखराम के तीन एकड़, सुनील श्रीवास्तव के दो एकड़, मुराहू यादव का एक एकड़, राजकुमार यादव का दो एकड़, गोकुल यादव, जगत यादव, श्याम नारायण यादव के चार एकड़ गेहूं की फसल जल गई। इसी तरह डिग्घी गांव के नरसिंह यादव का दो बीघा, आनंद राय का एक, बनारसी यादव का चार बीघा गेहूं की फसल जल गई। वहीं विभाकर दुबे का भूसा, मुन्ना राय का पुआल, भैंसाकला निवासी वंश नारायण शुक्ल का चार एकड़ का पुआल , ओमप्रकाश शुक्ल का दो एकड़ का पुआल जलकर राख हो गया। डैना निवासी मनोज राय का 10 बीघा का चना, 15 बीघा सरसों, धनंजय रावत का गांव के बाहर के आवास के मडई चौकी बिस्तर आदि जल गया। बगल में दरोगा राय के मशीन पर लगे पंपिंग सेट के इंजन पट्टा सहित पांच बबूल के लकड़ी के बोटे जल गए। प्रणव राय का सात एकड़ का पुआल एवं कटा हुआ चारा, शैलू राय का दो का एकड़ पुआल नष्ट हो गया।
धीना। क्षेत्र में आग से फसलों के साथ पुआल का ढेर जलने से किसानों के सामने पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को आग लगने की घटना में भैंसउर, भैंसाकला, डैना ,गोरखा, डिग्घी, कपसिया, बरडीहा, मचवा, भोलापुर, परशुरामपुर, अमड़ा, इमिलिया आदि गांवों के सिवान पूरी तरह जल गए। अधिकतर किसानों ने फसल को कटवा लिए थे। इसलिए फसल बच गई लेकिन पुआल, भूसा आदि जल गए। बड़े किसान गेहूं की ठूंठ से भूसा तैयार कराते हैं लेकिन ठूठ भी जल गई। डैना निवासी किसान दरोगा राय, मनीष राय, प्रणव राय, डिग्घी निवासी किसान आनंद राय, बब्बू राय, अरविंद राय, लड्डू, कामेश्वर राय आदि ने बताया कि आग से फसलों के साथ ठूठ भी जल गई। ऐसे में पशुओं के चारे का संकट होगा।
चहनियां। बलुआ थाना के प्रभुपुर गांव के सिवान मे बुधवार की दोपहर गेहूं के खेत में आग लग गई। आग लगने से बीस बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने किसानों की सहायता से आग को काबू में किया।
प्रभुपुर गांव के सिवान में किसान गेहूं की कटाई की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच संदिग्ध परिस्थतियों में आग लग गई। दोपहर 12 बजे लगी आग से देखते ही देखते बीस बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। किसानों ने इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। फायर ब्रिगेड ने किसी तरह आग बुझाई। इससे आस पास के खेत आग की चपेट में आने से बच गए। आग से विनय सिंह का 1.5 बीघा, संकठा सिंह का दो बीघा, श्रीकांत सिंह का बीघा, तारकेश्वर सिंह का 1.5 बीघा, सुदर्शन सिंह का दो बीघा, रामकेवल का10 बिस्वा, शिवपूजन सिंह का 1.5 बीघा, कैलाश सिंह का एक बीघा, बिंद्रा कन्नौजिया का 10 बिस्वा, शुभम का 10 बिस्वा, संकठा मिश्र, सुभाष मिश्र, सुनील मिश्रा, रणजीत और दरोगा मिश्र का छह बीघ गेहूं जलकर नष्ट हो गया।
03. आग से छह बीघा गेहूं की फसल जली
इलिया। स्थानीय थाना के खरौझा गांव के सिवान में बुधवार की दोपहर में आग लगने से अन्नपूर्णा सिंह चार और सारनाथ पाठक के दो बीघा सहित छह बीघा गेहूं की फसल जल गई। सूचना पाकर तहसीलदार आलोक कुमार, लेखपाल ऋषि कुमार सहित अन्य राजस्व अधिकारी पहुंचे और जांच कर रिपोर्ट तैयार की। तहसीलदार आलोक कुमार ने आश्वासन दिया कि जल्द ही मुआवजा दिया जाएगा। संवाद
कंदवा। क्षेत्र के कपसिया, मचवा और भोलापुर गांव के सिवान में आग से छह किसानों की 16 बीघा गेहूं की फसल राख हो गई। खलिहान में रखे 100 बोझ गेहूं जलकर राख हो गए। ग्रामीणों ने मशक्कत कर आग बुझाई।
बुधवार को कपसिया गांव के अभिषेक सिंह, विवेक सिंह और कृष्णा विश्वकर्मा के खड़ी फसल में आग लग गई।ग्रामीण आग पर काबू पाते तब तक अभिषेक व विवेक का पांच बीघा और कृष्णा का तीन बीघे खड़ी फसल जलकर राख हो गई। वहीं मचवा गांव के किसान रविशंकर पांडेय पतन का तीन बीघा, रामप्यारे यादव का एक बीघा, उमेश यादव का एक बीघा, रामलाल का एक बीघा, रसूल मियां का एक बीघा और भोलापुर के कुबेर मौर्या का तीन बीघा खड़ी फसल जल गई। वहीं छविनाथ खरवार के खलिहान में रखा करीब पचास बोझ जलकर राख हो गया। आग से छविनाथ के झोपड़ी भी जलकर राख हो गई। इससे घर गृहस्थी का सामान जल कर राख हो गया।
दुलहीपुर। क्षेत्र के साहुपुरी स्थित 220 केवी हाइडिल पावर हाउस के समीप स्थित पोखरी में बुधवार की सुबह दस बजे आग लग गई। पावर हाउस में ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग के वर्कशाप से तेल रिसकर पोखरा में एकत्र होता है। इससे आग देखते ही देखते विकराल हो गया। इससे आग की लपटे और काला धुंआ ने पूरे इलाके को दहशतजदा कर दिया। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड के साथ एनडीआरएफ की टीम पहुंची और प्रयास कर आग बुझाई। इसके पूर्व आग से समीप के मकान की छत पर रखे उपले, गेहूं और कपड़े जल गए। वहीं दो जामून के पेड़ भी झुलस गए।
साहुपुरी में पावर हाउस परिसर में ही ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशाप है। वर्कशाप से तेल निकल कर पोखरी में एकत्र होता है। इसी पोखरी में झाड़ झंखाड़ उग आए हैं। बुधवार की सुबह दस बजे किसी तरह पोखरी में आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझते आग ने विकराल रूप ले लिया। वर्कशाप के बाउंड्री से सटे राजेन्द्र प्रसाद का मकान है। आग से राजेन्द्र के मकान की छत पर रखे उपले, गेहूं और कपड़े जल गए। वहीं बगल में रामप्रवेश चौधरी का दो पेड़ जामुन का झुलस गया। हवा के तेज झोंके के साथ ऐसा लग रहा था कि पूरा गांव आग की चपेट में आ जाएगा। सूचना पाकर मुख्य अग्नि शमन अधिकारी सुभाष सिंह, वीरेन्द्र कुंअर सिंह, रजनीश कुमार राय, मुन्ना सिंह आग बुझाने में जुट गए। इस बीच एनडीआरएफ की टीम भी पानी के दो टैंकर लेकर पहुंच गई। दो घंटे के प्रयास के बाद आग बुझी।
दुलहीपुर। पावर हाउस के समीप पोखरे में आग लगने से नाराज महिलाओं ने प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि पोखरे में तेल बहाया गया तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे।
बुधवार की सुबह पोखरी में आग से दो घंटे तक पावर हाउस से सटे बगही गांव के दो दहशत में रहे। आग बुझने के बाद महिलाओं ने पावर हाउस के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग के बाद तेल को पोखरी में बहा दिया जाता है। इससे आए दिन पोखरी में आग लग जाती है। बुधवार को तीसरी बार आग लगी है। इससे ग्रामीणों की जान खतरे में रहती है। कहा कि विभाग को टैंकर में तेल एकत्र करना चाहिए। चेतावनी दी कि यदि अब पोखरी में तेल बहाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान मंजू देवी, बबली देवी, शीला देवी, सीता देवी, पुष्पा देवी, निर्मला देवी, रंभा देवी, बिंदु देवी, तारा देवी, साधना देवी, अमृता देवी, संजू देवी रहीं।