चंदौसी की वृद्ध महिला ने बहू पर शारीरिक, मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मदद दिलाने या इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। वृद्धा का कहना है कि बहू ने उन समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर दहेज मांगने, मारपीट करने सहित कई झूठे मुकदमे चंदौसी कोतवाली में दर्ज करा दिए हैं।
चंदौसी में कोतवाली क्षेत्र निवासी महिला ने अपने पत्र में बताया है कि उसके बेटे का विवाह 16 जनवरी 2017 को हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही बहू ने बुरा बर्ताव शुरू कर दिया। अपनी बात मनवाने के लिए आत्महत्या की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। घर की इज्जत बचाने के लिए शुरुआत में उसकी कई अनुचित मांगें भी पूरी की। इससे उसकी अनुचित मांगें बढ़ती चली गईं और अब वह संपत्ति में अपने हिस्से की मांग करते हुए उनका, उनके पति व उनके बेटे का उत्पीड़न बढ़ाती जा रही है।
वृद्धा का आरोप है कि इस मामले में पुलिस से शिकायत कर मदद मांगी लेकिन पुलिस ने कोई मदद नहीं की। उनके बेटे की शिकायत पर पुलिस ने कह दिया कि पत्नी द्वारा पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया जा सकता है लेकिन पति द्वारा पत्नी के खिलाफ नहीं। नवंबर 2018 को रजिस्टर्ड डाक से एसपी, डीएम व शासन स्तर तक शिकायत की पर कहीं सुनवाई नहीं हुई। दूसरी ओर बहू की ओर से की गई झूठी शिकायतों पर पुलिस ने अलग-अलग समय पर उनके व परिवार के सदस्यों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए। उल्टा उन पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया।
वृद्धा के मुताबिक, ऐसे ही एक मामले में परिवार न्यायालय में मीडिएशन में बहू ने ससुर- सास द्वारा मारपीट न करने की बात कही है। इसके बावजूद चंदौसी कोतवाली में मेरे, बेटे व पति के खिलाफ मारपीट के कई मुकदमे दर्ज हैं तथा 151 की कार्रवाई हो चुकी है। आरोप है कि मनमानी पर आमादा बहू ने अप्रैल 2022 को घर के शीशे, खिड़की तोड़ दिए। घर में लगाए सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए, ताकि उसकी मनमानी का प्रमाण कैमरे से न मिल सके। वद्धा ने लिखा है कि बहू के अत्याचार और प्रशासन की प्रणाली से क्षुब्ध होकर परिवार सहित इच्छा मृत्यु के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। लिहाजा इसकी अनुमति दी जाए।