का बरसा जब कृषि सुखानी। चंदौली में ऐसा ही वाक्या सामने आया है जिसमें समय बीतने के बाद विभाग जागा है और युद्धस्तर पर नालियों की खोदाई चल रही है। सवाल उठ रहे हैं समय रहते अगर ये कार्य हुआ होता तो तस्वीर कुछ और होती।
चंदौली जिले के ताराजीवनपुर में धान की फसल कट चुकी है गेहूं के बोआई का समय बीत चुका है अब विभाग जागा है और नाली की खोदाई शुरू की गई। मनरेगा मजदूर के माध्यम से ग्राम प्रधानों द्वारा सिंचाई के लिए बनी नालियों की खोदाई भी शुरू हो गई है। जिससे मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिल रहा है तो किसानों के सिंचाई का साधन नाली बन रही है।
विज्ञापन
विकास खंड सकलडीहा के धूस खास गांव में ग्राम प्रधान दिनेश गोंड द्वारा 20 से ज्यादा मजदूरों के माध्यम से धूस धमिना माईनर से किसानों की सिंचाई के उद्देश्य से निकली नाली की खोदाई इन दिनों युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। जिससे धूसखास, आलमपुर, मुस्तफापुर,बसरतिया आदि गांवों के सैकड़ो बीघा जमीन सिंचित होगी
। इस संबंध में पूछे जाने पर ग्राम प्रधान दिनेश गोंड ने बताया कि गांव में बनी लगभग आधा दर्जन नाली की साफ सफाई मनरेगा के तहत कराई जा रही है। इससे मजदूरों को रोजगार व किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है।