पीडीडीयू नगर/टांडाकला। ठंडी पछुआ हवाओं (पश्चिमी विक्षोभ से आने वाली सर्द हवाओं) के कारण जिले में ठंड और गलन बरकरार है। दिन में धूप निकलने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल पा रही और जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खासकर सुबह-शाम गलन अधिक महसूस हो रही है। लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। जिले का अधिकतम तापमान बृहस्पतिवार को बुधवार के 21 से दो डिग्री कम होकर 19 पर पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर छह से सात दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ठंड का यह सिलसिला कुछ दिन और जारी रह सकता है। टांडाकला क्षेत्र के तटीय इलाकों में तीन दिनों से चल रही पछुआ हवा हवाओं और गलन में भारी इजाफा हुआ है। शाम ढलते ही गलन इतनी बढ़ जा रही है कि लोग घरों में दुबकने को विवश हो जा रहे हैं।
गेहूं की फसलों के लिए लाभकारी
क्षेत्र के प्रगतिशील किसान इंद्रजीत पांडेय ने बताया कि पछुआ हल्का का चलना खेती-किसानी के लिए बेहद फायदेमंद है। पछुआ हवा के कारण आसमान साफ रहता है और दिन में तेज धूप निकलती है। वर्तमान में गेहूं की फसल तैयार होने की अवस्था में है जिसके लिए गलन और कम तापमान की सख्त जरूरत है। यदि इस समय ठंड कम हो गई तो पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। हालांकि, सुबह और शाम के वक्त पड़ रही भीषण ठंड से बचने के लिए ग्रामीण अब भी अलाव का सहारा ले रहे हैं। रात के समय तापमान में गिरावट के कारण गलन का अहसास अधिक हो रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान बढ़ने से शीतलहर व पाले से राहत मिल सकती है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरा छंटने से मौसम खुशगवार रहने की संभावना है। - अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, राज्य कृषि व मौसम विभाग।