शिकारगंज। सिंचाई विभाग की लापरवाही से सोमवार की रात गरला जलकुंड के मुख्य नहर का तटबंध टूट गया। जिससे लगभग 40 हेक्टेयर गेहूं की फसल में जलभराव हो गया। किसानों ने हालात देखकर मंगलवार की सुबह आक्रोशित होकर सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता ने किसानों से वार्ता के बाद सहायक अभियंता और जेई को फटकार लगाते हुए नहर का संचालन बंद कर मरम्मत कराने का निर्देश दिया।
आक्रोशित किसानों ने कहा कि चंद्रप्रभा डिविजन अन्तर्गत पथरहवा राइट मुख्य नहर का तटबंध जर्जर हो चुका था। भारतीय किसान यूनियन के तहसील महामंत्री धीरज श्रीवास्तव के नेतृत्व में किसानों ने कई बार संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराई लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी गलत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंप दिए। जिसका खामियाजा नहर के तटबंध कुटने के कारण किसानों को भुगतना पड़ गया।
वही किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता, जेई का आवास चकिया तहसील मुख्यालय पर होने के बावजूद नहीं रहते। भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल द्वारा दी गई जानकारी पर अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार मंगलवार की दोपहर मौके पर पहुंचे तो संबंधित सहायक अभियंता व जेई भी पहुंच गए। अधिशासी अभियंता ने आक्रोशित किसानों को समझाते हुए शांत कराया और संबंधित सहायक अभियंता व जेई को फटकार लगाते हुए नहर का संचालन बंद कर मरम्मत करने का निर्देश दिया। जैन कुंड से मुख्य नहर का तटबंध टूटने से विनोद तिवारी, सीताराम, राजेश यादव, हीरा यादव, पारस विश्वकर्मा आदि किसानों की गेहूं की फसल में जलभराव से फसल नष्ट होने के कगार पर है। इस मौके पर वीरेंद्र पाल, अशोक यादव, राजनरायन, सीताराम तिवारी, जंगली विश्वकर्मा, विनोद तिवारी, हीरा आदि ने प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की।