बबुरी थाना क्षेत्र के बिठवल गांव के समीप मंगलवार की सुबह नौ बजे तेज
रफ्तार डीसीएम के धक्के से कोचिंग पढ़ने जा रहे किशोर की मौत हो गई।
घटना
के बाद पुलिस के रवैये से गुस्साए ग्रामीणों ने शव को मुगलसराय-चकिया
मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण उचित मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे
थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम चकिया और एडिशनल एसपी ने ग्रामीणों
को समझा बुझाकर शांत कराया।
अधिकारियों के आश्वासन पर दो घंटे बाद जाम हटा।
क्षेत्र के नरहरपुर गांव निवासी शैलेश कुमार गुप्ता (15) पुत्र
गोरखनाथ गुप्ता गांव के पास निजी कालेज में दसवीं कक्षा का छात्र था। वह
सिकंदरपुर में एक कोचिंग सेंटर में भी पढ़ने जाता था।
रोजाना की तरह वह
मंगलवार की सुबह 9 बजे साइकल से कोचिंग जाने के लिए निकला था। वह
मुगलसराय-चकिया मार्ग पर बिठवल गांव के पास पहुंचा ही था कि चकिया की ओर से
आ रहे तेज रफ्तार डीसीएम ने उसे कुचल दिया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो
गई। शोर सुनकर जब तक लोग पहुंचते, चालक वाहन लेकर भाग निकला। इधर
परिवारीजनों को घटना की सूचना मिली।
घटना स्थल बबुरी और चकिया कोतवाली के
बीच में होने की वजह से दोनों पुलिस शव को कब्जे में लेने में आनाकानी करती
रही। इससे नाराज लोगों ने शव को बीच सड़क पर रख कर जाम लगा दिया।
ग्रामीण
लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मृतक के परिवारीजनों को
उचित मुआवजा देने और घटना में शामिल वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कर रहे थे।
जाम से सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई ।
ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए चकिया थाने की पुलिस के साथ
बबुरी थाना प्रभारी दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
चकिया थानाध्यक्ष
राम प्रकट यादव और बबुरी थाना प्रभारी मंजू सिंह यादव ने ग्रामीणों को
समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने।
दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे
एसडीएम चकिया रमाशंकर द्विवेदी और एडिशनल एसपी जियालाल ने उचित मुआवजा
दिलाने और दोषी चालक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस पर ग्रामीणों
ने जाम समाप्त कर दिया। बबुरी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।