पीडीडीयू नगर। दिल्ली के लाजपत नगर में बुधवार की शाम मां-बेटे की हत्या कर बिहार भाग रहे आरोपी को आरपीएफ, जीआरपी और मुगलसराय कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को पीडीडीयू जंक्शन पर मगध एक्सप्रेस ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया। वह ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहा था। पुलिस उसे गिरफ्तार करने के बाद मुगलसराय कोतवाली ले आई। जहां शाम को पहुंची दिल्ली पुलिस उसे कार से लेकर दिल्ली रवाना हो गई।
सूत्रों के अनुसार पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी मालकिन एडवांस में दिए 40 हजार रुपये और मोबाइल फोन उससे वापस मांग रही थीं। कई बार तबीयत खराब होने पर भी उसे दुकान पर बुलाया जाता था। इससे वह नाराज चल रहा था। दिल्ली के लाजपत नगर में बुधवार की देर शाम धारदार हथियार से रुचिका (42) और उनके बेटे कृष (14) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया, जब रुचिका के पति कुलदीप घर से बाहर थे। घर का दरवाजा बाहर से बंद होने की वजह से स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर घुसी तो महिला का शव बेडरूम में पड़ा था, जबकि बेटे का शव बाथरूम में खून से लथपथ मिला था। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी की छानबीन की तो उसमें मुकेश पासवान घर से निकलते दिखा। बिहार के वैशाली जिले के जंदहा थाना अंतर्गत धतुआ गांव का मूल निवासी मुकेश पासवान दिल्ली में रहकर चार साल से रुचिका के कपड़े की दुकान पर काम कर रहा था। इस आधार पर पुलिस ने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी खंगाला तो मुकेश मगध एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होते दिखा। इस आधार पर पुलिस ने चंदौली पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ को सूचना दी। इस पर मुगलसराय कोतवाली पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम सक्रिय हाे गई। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे डाउन मगध एक्सप्रेस ट्रेन पीडीडीयू जंक्शन के प्लेटफाॅर्म संख्या एक पर पहुंचते ही मुगलसराय कोतवाल गगनराज सिंह, जीआरपी निरीक्षक अरुण कुमार और आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मुकेश को इंजन के पास लगे जनरल कोच से धर दबोचा। इसके बाद पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मुगलसराय कोतवाली ले आई। इसके बाद चंदौली के पुलिस अधिकारियों ने इसकी सूचना दिल्ली के पुलिस अधिकारियों को दी। पुलिस की पूछताछ में मुकेश ने बताया कि उसकी मालकिन रुचिका ने उसे 40 हजार रुपये एडवांस दिए थे। उसकी तबीयत खराब होने के कारण वह दुकान नहीं जा रहा था। उसे बार-बार फोन करके परेशान किया जा रहा था। उसने यह भी बताया कि 40 हजार और उनकी ओर से दिया गया मोबाइल फोन वापस मांगा जा रहा था। नहीं देने पर यह बात उसके पिता को बताने की धमकी दी जा रही थी। इससे क्षुब्ध होकर वह उनके घर गया। जहां कमरे में अकेली बैठी रुचिका की चाकू से वार कर हत्या कर दी। उसने बताया कि इस दौरान उसके बेटे कृष ने उसे रुचिका की हत्या करते हुए देख लिया था। ऐसे में मुकेश ने उसे भी मौत के घाट उतार दिया।
उधर, शाम को साढ़े पांच बजे दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर, एक एसआई और एक सिपाही मुगलसराय कोतवाली पहुंचे। बाद में दिल्ली पुलिस मुकेश को प्राइवेट गाड़ी से लेकर दिल्ली रवाना हो गई। सीओ पीडीडीयू नगर कृष्ण मुरारी शर्मा का कहना है कि दिल्ली पुलिस से सूचना मिली थी कि लाजपत नगर में मां और बेटे की हत्या कर आरोपी बिहार जा रहा है। इस सूचना पर मुगलसराय कोतवाली पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने मगध एक्सप्रेस से आरोपी मुकेश पासवान को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के आने पर आरोपी को उनके हवाले कर दिया गया।