फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंदरों को पकड़ने मथुरा से आई टीम: जंगलों में छोड़े जाएंगे बनारस के बंदर, एक बंदर पर खर्च होंगे एक हजार रुपए

Sat, 20 Aug 2022 12:42 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बनारस के बंदरों को पकड़ने के लिए नगर निगम ने योजना बनाई है। जिसके लिए मथुरा से टीम बुलाई गई है। बंदरों को पकड़ने के लिए नगर निगम ने पहली बार टेंडर व्यवस्था लागू की है। 
विज्ञापन
बंदर का आतंक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बनारस के बंदरों को चकिया चंदौली के जंगलों में छोड़ने के लिए नगर निगम ने योजना बनाई है। इनको पकड़ने के लिए मथुरा से टीम आई है जो शहर में जाल बिछाकर बंदरों को पकड़ने में जुटी है। इन बंदरों को पकड़ने के लिए नगर निगम ने पहली बार टेंडर व्यवस्था लागू की है। 
विज्ञापन


गिरी नगर कालोनी, चेतगंज, हबीबपुरा, महावीर हाइट्स मंडुवाडीह, सिंधुरिया कालोनी, भेलूपुर आदि इलाकों में बंदरों का इस समय खूब आतंक है। पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई थी। संभव की जनसुनवाई में भी बंदरों के आतंक से जुड़ी शिकायतें आ चुकी हैं। नगर निगम के पशु चिकित्सा विभाग ने मथुरा के विशेषज्ञों को बुलाया है, जो तीन महीने तक यहां रहेंगे और बंदर पकड़ने का काम करेंगे।

मथुरा से आई टीम के एक सदस्य ने बताया कि बड़ी जाली में केला रखा जाता है। जब बंदर केला खाने अंदर आता है तो दरवाजा ऊपर से बंद कर दिया जाता है। इसके बाद इन्हें ले जाकर जंगलों में छोड़ा जाता है। नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि यहां से पकड़ने के बाद बंदरों को चकिया चंदौली के जंगलों में छोड़ने की योजना है। पहली बार टेंडर व्यवस्था से यह काम कराया जा रहा है। एक बंदर को पकड़ने में एक हजार रुपये का खर्च आ रहा है। अब तक 25 से अधिक बंदर पकड़े जा चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें