नामांकन पर्चा दाखिल करते सुशील सिंह
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इस बार फिर से सैयदराजा विधानसभा सीट से सपा के मनोज सिंह डब्लू को हराकर लगातार चार बार जीतने वाले चंदौली के पहले विधायक बने हैं। बता दें कि सुशील सिंह के निकट प्रतिद्वंदी रहे मनोज डब्लू ने निर्दलीय चुनाव लड़कर उनके चाचा बृजेश सिंह को 2012 के करारी शिकस्त दी थी। सुशील ने मनोज को लगातार दो बार हराकर अपने चाचा के हार का जबरदस्त बदला लिया है।
सुशील सिंह की टीम मैनेजमेंट मानी जाती है जबरदस्त
सैयदराजा विधायक सुशील सिंह का चुनाव के दौरान टीम मैनेजमेंट कला के सभी कायल हैं। कहा जाता है कि कड़ी मेहनत के साथ सुशील को टीम मैनेजमेंट में महारत हासिल है। काफी कम दिन के बावजूद भी क्षेत्र का शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिस तक सुशील नहीं पहुंचे हों। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और विभिन्न विकास कार्य कराए और दिन रात लोगों से संपर्क किया।
कोरोना काल और लॉक डाउन जैसे दौर में भी वे लोगों के बीच बने रहे। इसके अलावा उन्होंने चुनाव प्रचार मुहिम भी बहुत सोच-समझकर तैयार की थी और यह चुनाव से कई महीने पहले ही शुरू कर दी गई थी।
धान के कटोरे के नाम से प्रसिद्ध चंदौली की जनता ने एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताया है। विधानसभा चुनाव के मतगणना के बाद जिले के तीन विधानसभा सीटों पर कमल खिला तो वहीं एक सीट पर सपा की साइकिल चली। विधानसभा चुनाव 2017 में भी यही स्थिति थी कुछ भी नहीं बदला, हां बदले तो चकिया और मुगलसराय क्षेत्र के दो प्रत्याशी पर जनता ने उनपर भी भरोसा जताया और कमल खिलाया।सैयदराजा से सुशील सिंह, मुगलसराय से भाजपा के रमेश जायसवाल, सकलडीहा से सपा के प्रभुनारायण सिंह यादव और चकिया से भाजपा के कैलाश खरवार की जीत हुई।