क्षेत्र के बिसौरी गांव स्थित एक विद्यालय की छात्राओं ने मंगलवार को डीएम एनके सिंह से विद्यालय प्रबंधन की शिकायत की। आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य और प्रबंधक ने हम सभी का इंटरमीडिएट में पंजीकरण नहीं कराया। इससे हम सभी छात्राएं बोर्ड परीक्षा में बैठने से वंचित रह गई हैं।
इसके अलावा हमारा दो वर्ष बर्बाद हो गया। छात्राओं ने मांग की कि दो वर्ष का शिक्षण फीस व प्रेक्टिकल फीस लौटाया जाए। इसके अतिरिक्त विद्यालय की मान्यता रद्द की जाए। इतनी बड़ी लापरवाही पर भी एडीएम व डीआईओएस ने कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से छात्राएं नाराज दिखीं।
छात्राओं की शिकायत के बाद एडीएम देव कृष्ण तिवारी व डीआईओएस डा. मालती राय ने विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रबंधक को कलेक्ट्रेट पर तलब किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अधिकारी द्वय को बताया कि वर्ष 2012 में पंजीयन आनलाइन होने के बाद तकनीकी दिक्कतों के कारण छात्राओं का पंजीकरण नहीं हो पाया।
इंटरमीडिएट की मान्यता नहीं होने की जानकारी होने पर डीआईओएस ने प्रबंधक व प्रधानाचार्य को फटकार लगाई। इस पर प्रधानाचार्य ने बताया कि छात्राओं का पंजीकरण पंचफेड़वा स्थित एक स्कूल के माध्यम से कराया गया है सभी छात्राएं वर्ष 2016 में इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगी।
पहले तो डीआईओएस ने विभागीय कर्मियों को प्रबंधक व प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिया, लेकिन बाद में एडीएम व डीआईओएस ने छात्राओं की एक वर्ष की फीस वापस करने और जो छात्राएं स्कूल छोड़ना चाहती हैं उनका अंकपत्र व मूलप्रमाण पत्र वापस करने का निर्देश देकर छोड़ दिया।