चंदौली। सदर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 11,496 मुकदमों का निस्तारण कर 11 लाख दो हजार 35 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, बैंकों के 644 कर्जदारों से 7.82 करोड़ रुपये का समझौता कराकर 2.83 करोड़ रुपये वसूले गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राकेश धर दूबे ने 52 मामलों का निस्तारण किया। उन्होंने 21 परिवारों के बीच समझौता कराने के साथ 21.83 लाख रुपये दिलाया। वहीं, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अधिकारी अशोक कुमार सिंह यादव ने नौ मामलों का निपटारा कर 69.90 लाख का प्रतिकर दिलाया।
विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अनुराग शर्मा ने पांच मामलों का निस्तारण करने के साथ 500 रुपये जुर्माना वसूला। सत्र न्यायाधीश परितोष श्रेष्ठ ने विद्युत निगम से जुड़े 464 मामलों का निस्तारण किया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार मिश्र ने 1480 मामलों का निस्तारण किया और 44 लाख रुपये का जुर्माना वसूल कराया।
रेलवे के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कुमार वर्मा ने 1666 मामलों का निपटारा करने के साथ 3.87 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया। सिविल जज इंदू रानी ने 19 मामलों का निपटारा किया और 7.16 लाख रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया। सिविल जज कुंवर जितेंद्र प्रताप सिंह ने 1050 मामलों का निस्तारण 52 हजार रुपये जुर्माना वसूला।
न्यायिक मजिस्ट्रेट माधुरी यादव ने 1329 मामलों में फैसला सुनाते हुए 58,800 रुपये जुर्माना वसूल कराया। अपर सिविल जज रोहित पुरी ने 910 मामलों का निपटारा कर 93,470 जुर्माना वसूला। न्यायिक मजिस्ट्रेट माधुरी यादव ने 1329 मामलों का निस्तारण 58,800 रुपये जुर्माना वसूल कराया। अपर सिविल जज रोहित पुरी ने 910 मामलों का निपटारा कर 93,470 जुर्माना वसूला। न्यायाधीश नूतन ने 989 मामलों में 14,900 जुर्माना वसूल कराया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला न्यायाधीश रविंद्र सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विकास वर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार आदि मौजूद थे।