चकिया। काशी वन्य जीव प्रभाग की बिहार से सटी सीमा पर वन माफियाओं और पालतू पशुओं को चराने से रोकने के लिए बनी सुरक्षा दीवार जर्जर हो चुकी है। पत्थर बिखर गए हैं। अब कैम्पा (कोष प्रबंधन योजना) के तहत जिले के आठ रेंजो में विकास कार्यो की मंजूरी दी गई है। इन रेंजों में 20 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किये जाएंगे। पहले इसकी शुरूआत चकिया रेंज से होगी और तकरीबन पांच से आठ किमी लंबी सीमा पर बनी सुरक्षा दीवार को मजबूत किया जाएगा।
केन्द्र सरकार की वनीकरण कोष प्रबंधन योजना (कैम्पा) के तहत लाकडाउन के दौरान वन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे गये थे। जिसके तहत चन्दौली जनपद के वन क्षेत्रों के लिए 20 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना के तहत प्रभागीय वनाधिकारी महावीर कौलजगी के निर्देश के अनुसार सभी वन रेंजो द्वारा कार्ययोजना प्रस्तावित की गयी थी। जिसे अब स्वीकृति मिल चुकी है। इस योजना के तहत चकिया रेंज में बिहार सीमा से सटे वन क्षेत्र की सुरक्षा तथा पालतू पशुओं के अनावश्यक प्रवेश को रोकने के लिए पुरानी बनी क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार का नवीनीकरण किया जाएगा। उप प्रभागीय वनाधिकारी धर्मेन्द्रनाथ सिंह के अनुसार कैम्पा योजना के धन से वन क्षेत्र में सुरक्षा दीवार की मरम्मत एवं विकास कार्यों के अतिरिक्त वन उपज बढ़ाने तथा वनों के समुचित संरक्षण का कार्य किया जाएगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
चकिया। सीमा से सटे गांव छीतमपुर, ढोढ़नपुर, ताला, तेंदुई, बीचबनवा गांव में करीब पांच से आठ किमी की लंबाई में सुरक्षा दीवार को मजबूत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त योजना के तहत वन क्षेत्र में बंधी, चेकडैम, तालाब, पोखरा का निर्माण तथा पक्के चेकडैम बनाये जाएंगे। ताकि वन क्षेत्र में वर्षा जल का संरक्षण किया जा सके तथा वन्य जीवों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो सके। इसी योजना के तहत वन क्षेत्र के अन्तर्गत कच्ची सड़कों का निर्माण भी कराया जाएगा।