नौगढ़। वन क्षेत्र में शिकारियों के खिलाफ वन अधिकारियों की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को वन क्षेत्राधिकारी ने टीम के साथ जंगल में 11 किलोमीटर तक शिकारियों व जानवरों को पकड़ने के लिए लगाए गए फंदे को तलाशा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि शिकारियों को देखते ही इसकी सूचना वन विभाग को दें।
काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर आरक्षित वन क्षेत्र बिहार व झारखंड की सीमा से सटे होने और पशु तस्करों एवं संदिग्धों की आवाजाही से जंगल में विचरण करने वाले वन्यजीवों का खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर के प्रभागीय निदेशक महावीर कौजलगी ने शिकारियों पर प्रभावी अंकुश लगाने प्रभाग के
वन क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया है। जिसपर वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में बुधवार को वन दरोगा गुरुदेव यादव, वनरक्षक ओम प्रकाश, नवीन राय, गौरव पाठक के साथ टीम बनाकर क्षेत्र मगरही, गहिला, सुखदेवपुर, सेमर साधोपुर, शाहपुर ,पथरौर के जंगलों में शिकारियों की तलाश की। इस दौरान वन्यजीवों को पकड़ने के लिए शिकारियों की ओर से प्रयुक्त होने फंदो की भी तलाश की। वन क्षेत्राधिकारी ने क्षेत्राधिकारी रिजवान खान ने कहा कि जंगल में शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि किसी भी ग्रामीणों को जंगल में को शिकारी नजर आए तो इसकी सूचना वन विभाग को दे। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।