कहा कि चिकित्सकों के पैनल ने जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी है, उसमें गले में खरोच व बाएं जबड़े में चोट के अलावा शरीर के अन्य किसी भी हिस्से में बाहरी व अंदरूनी चोट का उल्लेख नहीं है। घटना के बाद चक्काजाम व उपद्रव में कुछ पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। इनका उपचार चल रहा है।
उनके ठीक होने के बाद यदि वे तहरीर देते हैं तो उसके अनुरूप मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। भरोसा दिया कि यदि पुलिस चेकिंग व जांच में लापरवाही बरती गई है तो संबंधित पुलिस अफसर व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मनराजपुर कौन-कौन से पुलिस वाले गए थे, इसकी जांच एएसपी सदर कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने मांग की कि मनराजपुर की घटना की जांच किसी न्यायिक अधिकारी की निगरानी में कराई जाए। कहा कि मनराजपुर में जब कन्हैया यादव की पुत्री की मौत हुई तो पुलिस ने आत्महत्या की कहानी गढ़ी और अब लीपापोती का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस खुद आरोपी है।
ऐसे में आरोपी से मामले की जांच कराना उसकी निष्पक्षता पर सवाल है। कहा कि मौत के इस मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पुलिस गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई का दिखावा कर रही है।
दुख की इस घड़ी में जब पीड़ित परिवार के प्रति पुलिस व प्रशासनिक अमले की संवेदना होनी चाहिए, ऐसे वक्त पुलिस प्रशासन कन्हैया यादव के परिवार को अपराधी घोषित करने में जुटा है। सैयदराजा पुलिस द्वारा कन्हैया यादव व उनके पुत्र व पुत्रियों के खिलाफ पुराने मुकदमे की खोजबीन कर पटल पर लाना पुलिस की मानसिकता को प्रदर्शित करता है।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज काका ने कहा कि पुलिस कहीं भी छापा मारती है तो एक-एक गतिविधि की वीडियो रिकार्डिंग करती है। अब सवाल उठता है कि मनराजपुर में पुलिस गतिविधि की वीडियो रिकार्डिंग कहां है? जनपद पुलिस उसे क्यों छिपा रही है। इसे सामने लाया जाए, ताकि लोगों को यह मालूम चल रहे कि वहां कन्हैया यादव के परिवार व पुलिस के बीच क्या हुआ?
कहा कि मामले में घायल गुंजन यादव के दवा-इलाज में भी शिथिलता बरती जा रही है। उसका मेडिकल मुआयना तक नहीं हो पाया है। कहा कि पीड़ित परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस प्रकरण में सपा प्रमुख अखिलेश यादव एक-एक गतिविधि की जानकारी ले रहे हैं और उन्होंने पीड़ित परिवार से टेलीफोन पर बातचीत की है।
सपा के पूर्व सांसद रामकिशुन ने सैयदराजा पुलिस पर आरोप लगाया। कहा कि पुलिस की हरकतों के कारण निर्दोष बेटी की जान चली गई। एक दिन पहले उसके बड़े भाई को पुलिस घर से उठा लाई थी। तो फिर दूसरे दिन दबिश देने का क्या मतलब था। किसके इशारे पर दोबारा दबिश दी गई। इस घटना की जांच की जाए।
भारतीय जनता पार्टी सरकार की बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ नारे की पुलिस प्रशासन द्वारा उड़ाई गई धज्जियां से एक निर्दोष बेटी की हत्या हो गई। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व सदस्य संतोष यादव ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले को संज्ञान में लेते हुए निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्याक्ष संतोष यादव ने बताया कि पीड़ित पक्ष को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए, नहीं तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी