पीडीडीयू नगर। पेयजल, स्वच्छता व शौचालय के मामले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले परिषदीय विद्यालय पुरस्कृत किये जाएंगे। इसके लिए कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों की 19 बिंदुओं पर मूल्यांकन कर रेटिंग तय की गई है। बेेहतर रेटिंग हासिल करने वाले विद्यालय पुरस्कृत होंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों की 19 बिंदुओं पर मूल्यांकन कर रेटिंग तय की गई है। बेहतर रेटिंग हासिल करने वाले विद्यालय पुरस्कृत होंगे। हर श्रेणी में न्यूनतम श्रीस्टार रेटिंग हासिल करने वाले स्कूल पुरस्कार के लिए मार्च 2022 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पेयजल की व्यवस्था, शौचालय, साबुन से हाथ धोना, संचालन, व्यवहार परिवर्तन, क्षमता निर्माण और कोविड-19 से बचाव के उपाय पर अमल के आधार पर स्कूलों की रेटिंग तय होगी। विभिन्न श्रेणी में स्व: मूल्यांकन कर अंक दर्ज करना है। स्वच्छ विद्यालय मानदंडों के मूल्यांकन के बाद स्टार रेटिंग प्रक्रिया का निर्धारण किया जाएगा। इसके तहत प्राप्तांक के आधार पर विद्यालय को स्टार रेटिंग दी जाएगी। पुरस्कार का पात्र बनने के लिए विद्यालय के लिए प्रत्येक श्रेणी में न्यूनतम तीन स्टार प्राप्त करना अनिवार्य है।
स्कूलों को 90 से 100 प्रतिशत अंक पर फाइव स्टार, 75 से 89 प्रतिशत पर चार स्टार व 51 से 74 प्रतिशत पर तीन स्टार रेटिंग प्रदान की जाएगी। वहीं 35 से 50 प्रतिशत पर दो स्टार व 35 प्रतिशत से कम रहने पर एक स्टार रेटिंग प्रदान की जाएगी।
पुरस्कार के लिए दावेदारी प्रेरणा एप के माध्यम से मार्च 2022 तक की जा सकती है। स्कूलों को आवेदन ऑनलाइन करना होगा। जिलास्तर पर पुरस्कार के लिए स्कूल का चयन एक अप्रैल से 15 मई 2022 के बीच किया जाएगा। 22 मई से 30 जून 2022 के बीच राज्य स्तर के पुरस्कारों के लिए स्कूल का चयन किया जाएगा।
ताराजीवनपुर। सकलडीहा विकासखंड के सरेसर स्थित प्राथमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पेयजल, स्वच्छता, शौचालय की व्यवस्था के साथ ही विद्यालय के दीवारों पर पेंटिंग के अलावा टाइल्स लगाई गई है। कक्षों में पंखे व छत पर सोलर पैनल सहित सभी सुविधाओं से सुसज्जित परिषदीय विद्यालय जनपद के लिए नजीर बना हुआ है।
गांव का प्राथमिक विद्यालय कॉन्वेंट स्कूलों के तर्ज पर विद्यालय के प्रत्येक कमरो मैं अलग-अलग कलर से पेंटिंग व अलग-अलग कलर्स की टाइल्स लगाई गई है। शुद्ध पेयजल के लिए आरओ, हैंडवॉश, बेसिंग की व्यवस्था विद्यालय में है। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय व साफ-सफाई की व्यवस्था प्रतिदिन सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक कमरों में लाइट व पंखे की व्यवस्था है। सभी कक्षों में स्मार्ट क्लासेज के लिए व्हाईट बोर्ड लगा है। बच्चों के खेलकूद की व्यवस्था विद्यालय की तरफ से की जाती है। बिजली कटने पर पांच केवी शक्ति का सोलर पैनल भी लगाया गया है। इसके साथ ही टेबल-बेंच के अलावा पर्याप्त रूप से कुर्सियों की व्यवस्था है। पर्यावरण शुद्ध रखने के लिए पौधे लगाए गए हैं। इस विद्यालय में कुल 115 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। प्रधानाध्यापक अवनीश कुमार यादव ने बताया कि विद्यालय में किसी प्रकार की कमी नहीं है।