हावड़ा-दिल्ली रूट पर अति व्यस्त पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर एक वर्ष में तस्करी के 4.46 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। स्टेशन पर लाख प्रयास के बाद भी ट्रेनों से तस्करी रुक नहीं रही है। सोने, चांदी और नशीली वस्तुओं के साथ कछुआ की तस्करी बड़े पैमाने पर होती है। वहीं नकदी की भी तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर लगातार कार्रवाई हो रही है और तस्करी का सामान बरामद कर तस्करों को गिरफ्तार भी किया जा रहा है।
पूर्वाेत्तर भारत का प्रवेश द्वार माने जाने वाले पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से प्रतिदिन 110 जोड़्री ट्रेनों का आवागमन होता है। वहीं एक लाख से अधिक यात्री आवागमन करते हैं। यात्रा का सुगम साधन होने के कारण तस्कर भी इसे अपने लिए मुफीद मान लेते हैं। यदि इस वर्ष नकदी बरामदगी की बात करें तो बीस जनवरी को दो लोगों से 28 लाख रुपये बरामद हुए थे। इसी तरह पांच फरवरी को दो व्यक्तियों के पास से 38. 53 लाख 750 रुपये बरामद हुए। 11 मार्च को छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला निवासी एक वयक्ति के पास से 1.49 करोड़ 91 हजार रुपये बरामद हुए। 25 अप्रैल को एक व्यक्ति के पास से 36 लाख रुपये नकद, 25 मई को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर निवासी सुशांत मंडल के पास से 53.68 लाख रुपये बरामद हुए। 28 जून को पश्चिमी मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल के व्यक्ति के पास से 43.45 लाख रुपये बरामद हुए। 24 सितंबर को हुबली पंश्चिम बंगाल निवासी मुशर्रफ हुसैन के पासस से 10.50 लाख रुपये और सात अक्तूबर को मैनपुर उत्तर प्रदेश निवासी हिमांशु बोस के पास से 15.13 लाख रुपये बरामद हुए। वहीं नौ अक्तबूर को महाराष्ट्र के विशाल जाधव और रविन्द्र मंडले के पास से 55 लाख रुपये बरामद हुए। जबकि 11 नवंबर को एक व्यक्ति के पास से 16 लाख रुपये बरामद हुए। इस संबंध में जीआरपी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह और रेलवे सुरक्षा बल के निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि पीडीडीयू जंक्शन पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। तस्करी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।