इलिया। कस्बा से रोडवेज की बसें नहीं चलने के कारण क्षेत्रवासियों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह कस्बा प्रदेश और बिहार की सीमा पर स्थित है, जिसके कारण यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। बावजूद इसके यहां से किसी भी दिशा के लिए बस सेवा प्रारंभ नहीं की गई है। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय व वाराणसी के लिए तत्काल बस सेवा आरंभ करने की मांग की है।
इलिया-चकिया और इलिया-चंदौली मार्ग जिला मुख्यालय के साथ-साथ वाराणसी जाने का प्रमुख मार्ग माना जाता है। इन मार्गों पर रोजाना सैकड़ों लोग रोजगार, शिक्षा, इलाज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवाजाही करते हैं। परंतु रोडवेज बस सेवा के अभाव में उन्हें निजी वाहनों, टैक्सियों या ऑटो रिक्शों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है बल्कि समय की भी बर्बादी होती है।
स्थानीय निवासी राधाकृष्ण जायसवाल, सुरेश मद्धेशिया, श्याम लाल गुप्ता, पिंटू गुप्ता, राजेश गुप्ता, दिनेश कुमार केशरी, भानु प्रताप गुप्ता, मुरारी लाल मद्धेशिया, हनुमान चौरसिया का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों की यह भी मांग है कि इलिया कस्बे को जिला मुख्यालय चंदौली और वाराणसी से जोड़ने के लिए कम से कम कुछ निश्चित समय की रोडवेज बस सेवा शुरू की जाए, जिससे आमजन को राहत मिल सके।
यदि प्रशासन शीघ्र ध्यान नहीं देता, तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र के इस कस्बे के विकास के लिए नियमित रोडवेज बस सेवा शुरू होना अत्यंत आवश्यक है। एसडीम विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि क्षेत्रीय लोगों के मांग पर रोडवेज की बसें चलाने के लिए पत्र लिखा गया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम से वार्ता कर जल्द ही रोडवेज बसों का संचालन कराया जाएगा।