जिले में पिछले 16 दिनों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। औसतन हर डेढ़ दिन पर एक व्यक्ति सड़क हादसे में जान गंवा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि तेज रफ्तार और लापरवाही पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। जिले में हुई 10 मौतों में से छह मौतें केवल सदर कोतवाली और अलीनगर थाना क्षेत्रों में हुई हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
केस-1
अलीनगर थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव निवासी सोनी देवी (40) पचफेड़वा बाजार से सब्जी लेकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई।
केस-2
मिर्जापुर जिले के जिगना थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी हरिशंकर दुबे (45) बिहार से ट्रक पर बालू लादकर वाराणसी जा रहे थे। रेवसां गांव के पास आगे चल रहे ट्रक के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे उनके ट्रक की जोरदार टक्कर आगे वाले ट्रक से हो गई। हादसे में हरिशंकर दुबे की मौत हो गई।
केस-3
सकलडीहा-अलीनगर तिराहे पर वाहन मोड़ते समय एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक पर पीछे बैठी रवि कुमारी ट्रक के पहिये के नीचे आ गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बाइक चला रहा उनका भाई बाल-बाल बच गया।
अधिकारी बोले
वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए लगातार जागरूक किया जाता है। इसके साथ ही नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की जाती है। सड़क पर वाहन चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी किसी की जान ले सकती है, इसलिए सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। -कृष्णमुरारी शर्मा, सीओ यातायात, चंदौली