स्थानीय ब्लाक संसाधन केंद्र स्थित प्रांगण में शुक्रवार को
शिक्षोन्नय गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस दौरान शिक्षा
के विकास पर विस्तार से चर्चा के साथ-साथ 79 अवकाश प्राप्त शिक्षकाें को
कुरान, गीता के साथ-साथ साफा देकर मुख्य अतिथि डायट प्राचार्य अमरनाथ राय
द्वारा सम्मानित किया गया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षक कभी रिटायर
नहीं होता। शिक्षक का कार्य अवकाश प्राप्त करने के बाद और भी बढ़ जाता है।
उनके बाद समाज को पूरी जिम्मेदारी आ जाती हैैैैैै।
अवकाश ग्रहण कर चुके
अध्यापकाें को अध्यापन कार्य के दौरान काफी अनुभव प्राप्त हो जाता है
जिसका फायदा चाहे तो वे दूसरे को दे सकते हैैं। उन्हाेंने कहा कि अनुभव का
प्रयोग अगर अध्यापक करे तो शिक्षा का स्तर ऊंचा होना तय है। कहा कि आज
शिक्षा का पूरी तरह से बाजारीकरण कर दिया गया है।
जिसका असर परिषदीय
विद्यालयों के बच्चाें पर पड़ा है। लेकिन हमें घबराने की जरूरत नहीं है।
अगर सभी परिषदीय विद्यालय के अध्यापक अपनी पूरी ताकत से पढ़ाए तो बच्चे भी
किसी से कम नहीं रहेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर
पुष्प अर्पित करके किया गया। स्वागत गीत प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय
शहाबगंज के रामस्वरूप यादव ने प्रस्तुत किया। इस दौरान दक्षता परीक्षा में
शामिल गुड़िया प्राथमिक विद्यालय शहाबगंज प्रथम, स्नेहा पटेल कस्तूरबा तथा
रजत पटेल गोपीनगर को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान अंगद सिंह, सर्वजीत,
प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री देवेंद्र यादव, चंचल सिंह मौर्या, अखिलेश
यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता मोहन सिंह एवं संचालन विनोद ने किया।