इस दौरान संस्थान के सदस्यों के कहा कि शासन से मिलने वाली नि:शुल्क
सुविधाओं के लिए गरीब जनता से धन लिए जाते हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
इसमें उपचार, दवाएं, आपरेशन व एंबुलेंस सेवाएं शामिल हैं। संस्था की नीतू
सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति काफी दयनीय है।
मरीजों को
स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए धन खर्च करने पड़ रहे हैं। सबसे खराब
स्थिति महिला मरीजों की है। प्रसव से लेकर आपरेशन तक कराने में उनके
परिजनों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। अस्पतालों में नियुक्त चिकित्सक व
स्टॉफ बिना पैसे लिए उपचार नहीं करते।
स्पीड संस्था के जिला संयोजक हरिहर
पाठक ने चहनियां क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि गर्भवती महिला का
प्रसव होने के बाद उससे पैसे की मांग की गई। सुविधा शुल्क नहीं मिलने पर
कर्मियों ने उसे जननी सुरक्षा योजना का चेक देने से मना कर दिया। काफी लंबी
लड़ाई के बाद उक्त महिला को चेक दिया गया।
इस अवसर पर मनोज सिंह,
धर्मेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, अशोक कुमार, कल्लू प्रसाद जायसवाल आदि
उपस्थित रहे।