चहनिया। बलुआ थाना क्षेत्र के महड़ौरा गांव में शनिवार की दोपहर अवकाश प्राप्त फौजी कृष्ण प्रताप सिंह (36) ने घर मे पंखे के सहारे फांसी लगा ली। परिवार में किसी की नजर पड़ी तो आनन-फानन पीडीडीयू नगर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए जहां उपचार के दौरान फौजी की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने जानकारी होने से अनभिज्ञता जाहिर की है। कहा कि मामले में परिजनों की तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
गांव निवासी बिजेंद्र सिंह घर पर रह कर खेती-किसानी का कार्य करते हैं। इनके तीन पुत्र उदय प्रताप, रिंकू व कृष्ण प्रताप हैं। दो बेटे पिता के साथ खेती में हाथ बंटाते हैं जबकि छोटा पुत्र फौज में था। वे लगभग एक वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त होकर घर आ गए थे। घटना वाले दिन फौजी अपने बड़े भाई के साथ कुछ कार्य के लिए बाहर गए थे। परिजनों का कहना है कि घर वापस लौटे तो अपने कमरे में चले गए। कुछ देर बाद परिवार के लोग किसी काम से उन्हें ढूंढने लगा तो कुछ पता नहीं चला। दरवाजा खोलवाने अंदर से बंद था। खिड़की से झांककर देखे तो सभी के होश उड़ गए। फौजी पंखे में रस्सी के सहारे लटक हुए थे। परिवार के सदस्य शोर मचाते हुए आनन-फानन में उन्हें एक निजी चिकित्सालय ले गए। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक सेवानिवृत्त फौजी को एक पुत्र सौरभ है। फौजी के मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी सुषमा देवी, मां सविता देवी, पिता बिजेंद्र सिंह, भाई उदय प्रताप, रिंकू व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था।