पीडीडीयू नगर। कोरोना की वजह से लागू लॉक डाउन में छूट मिलने के बाद आद्योगिक प्रतिष्ठाना संचालन अब धीरे-धीरे शुरू होने लगा है। ऐसे में श्रमिकों की डिमांड होने लगी है और प्रवासी श्रमिकों को बुलाया जा रहा है। लेकिन ट्रेनें कम होने से रिजर्वेशन नहीं मिल रहा है। वर्तमान में सितंबर के पहले दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित बड़े शहरों के लिए सीट नहीं मिल रहा है। अगस्त के अंत तक इन शहरों को जाने वालों को रिजर्वेशन के लिए करीब 25 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। अभी तो यह हाल है, श्रमिकों के लौटने की संख्या बढ़ी तो सीट के लिए और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लगा दिया गया। इससे ट्रेनों का संचालन भी बंद हो गया। यही नहीं महानगरों में फैक्टरियों के बंद होने से बड़े पैमाने पर प्रवासी श्रमिक घर वापस लौट आए। एक जून से सीमित संख्या में यात्री स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। स्थानीय रेलवे स्टेशन से सात राजधानी सहित कुल 22 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है। इस बीच एक जुलाई से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई और बाजार खुलने लगे। यही नहीं सुरक्षा के साथ फैक्टरियों में भी काम शुरू हुआ है। इससे यहां श्रमिकों की डिमांड बढ़ी है। श्रमिकों को फैक्टरी संचालक वापस बुला रहे हैं। ऐसे में श्रमिक काम पर लौटना चाहते हैं लेकिन सीमित मात्रा में ट्रेनों के होने की वजह से लोगों को रिजर्वेशन नहीं मिल रहा है। इस बीच कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए बंगाल सरकार ने 20, 21, 27,28 और 31 को संपूर्ण बंदी की घोषणा की गई है। ऐसे में इस दिन पूर्व मध्य रेलवे ने सात जोड़ी ट्रेनों का संचालन रद्द कर दिया है। ऐसे में जोधपुर और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को दिक्कत हो रही है। वर्तमान में स्थिति यह है कि एक सितंबर को डिब्रूगढ़ नई दिलली राजधानी में एसी टू में पांच वेटिंग है। फर्स्ट एसी में एक वेटिंग है। भुवनेश्वर राजधानी में थर्ड एसी में दस, सेंकेंड एसी में पांच वेटिंग है। श्रमजीवी एक्सप्रेस में स्लीपर में 103, थर्ड एसी में 34 और सेंकेंड एसी में आठ नंबर वेटिंग लिस्ट है। डिब्रूगढ़ नई दिल्ली में छह सितंबर तक वेटिंग टिकट मिलना भी मुश्किल है। पूरी नई दिल्ली एक्सप्रेस में छह सितंबर तक वेटिंग है। इस संबंध में मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक राजेन्द्र राम ने बताया कि वर्तमान में बीस से 25 दिन बाद रिजर्वेशन मिल रहा है।