पीडीडीयू नगर। कंदवा क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गांव में जर्जर हो चुके उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को लेकर मानवाधिकार आयोग ने सख्त कदम उठाया है। आयोग ने चार मई को पत्र जारी कर प्रमुख सचिव व प्रदेश सरकार से एक माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही चेताया है कि निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने पर आयोग मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि उप स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन
की खबर अमर उजाला ने 25 जनवरी 2019 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
ह्यूमन राइट सीडब्ल्यूए के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने बताया कि शासन में बैठे जिम्मेदारों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मनमाना रवैये के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई हैं। जनपद चंदौली के अधिकांश स्वाथ्य व उपस्वाथ्य केंद्र या तो जर्जर या तो पूर्ण रूप से निष्क्रिय हो गए हैं। कंदवा के लक्ष्मणपुर गांव स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल है। रख-रखाव के अभा में यहकेंद्र पूर्ण रूप से जर्जर हो गया है और सुविधाएं नदारद हैं। इससे लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे मामले की शिकायत उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में वर्ष 2019 में की थी। आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रमुख सचिव हेल्थ से रिपोर्ट तलब की थी। इसके बावजूद शासन से आयोग को कोई रिपोर्ट प्राप्त नही हुई। इसके बाद आयोग ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए चार मई 2022 को मामले पर सुनवाई करते हुए प्रमुख सचिव व परिवार कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार को चार सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती तो आयोग मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा के तहत शासन को प्रक्रिया शुरू करने के लिए बाध्य करेगा।
रिपोर्ट व संपादन- धनंजय
बाइट- 1766