चंदौली। कोरोना संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से धान का समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। यही नहीं किसान फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए पूरी मेहनत से कार्य करेगा, ताकि उपज अच्छी कर अपनी आर्थिक स्थित मजबूत हो सके। केंद्र सरकार की ओर से धान पर 53 रुपये की वृृद्धि करने से किसानों में खुशी की लहर है।
केंद्र सरकार की ओर खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा कर दी है। इसमें धान के समर्थन मूल्य में पिछले साल की मुकाबले 53 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाया गया है। यह जनपद के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। यहां लगभग एक लाख 17 हजार हेक्टेयर में धान की फसल होती है। इससे धान का दाम बढ़ने से किसानों को लाभ होगा। किसान चक्र सुदर्शन यादव ने कहा कि धान का समर्थन मूल्य पिछले वर्ष 1815 रुपये थे। केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर 1868 रुपये कर दिया है। इससे किसानों की आय में इजाफा होगा। दीनानाथ सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से फसलों के समर्थन मूल्य बढ़ने से किसानों को राहत मिलेगी और जब किसान खुशहाल होगा तभी देश की तरक्की होगी। सतीश यादव ने कहा कि जनपद धान कटोरे के रुप में मशहूर है। धान की उपज अच्छी होती है। धान के समर्थन मूल्य के बढ़ने से किसानों को राहत मिलेगी। सियाराम चौहान ने कहा कि खरीफ के फसलों के समर्थन मूल्य के बढ़ने से किसानों को राहत मिली है, लेकिन सरकार को किसानों को खेती के लिए खाद व बीज पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
सरकार की ओर से खरीफ के 14 फसलों के समर्थन मूल्य को बढ़ाया गया है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और किसान मन लगाकर अपने उपज बढ़ाने का प्रयास करेंगे। राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी।