राणी सतीश्याम अराधना मंडल के 35वें वार्षिकोत्सव के मौके पर शनिवार को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जटिया धर्मशाला से निकली शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद अग्रवाल सेवा संस्थान में पहुंची। यहां देर रात तक भजन कीर्तन का दौर चलता रहा। शोभायात्रा देखने के लिए सड़कों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।
वार्षिकोत्सव की तैयारी पहले से ही शुरू हो गई थी। शनिवार को दोपहर बाद राणी सती के भक्त नगर के जटिया धर्मशाला में एकत्र हुए। यहां से शाम छह बजे से दादी राणी सती की झांकी की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सबसे आगे घोड़े पर दादी जी के रक्षक ध्वजा लेकर चल रहे थे। उसके पीछे राजस्थान का जहाज कहा जाने वाले ऊंटों का काफिला था और उनके पीछे समाज के बड़े बुजुर्ग और बच्चे भजन कीर्तन करते हुए चल रहे थे। इसके बाद दादी जी की झांकी और उनके पीछे सोलह शृंगार में सजी महिलाएं नंगे पैर सिर पर कलश लेकर चल रही थी। बैंड बाजा की धुन पर लोग जयकारे करते हुए चल रहे थे। शोभयात्रा धर्मशाला रोड होते हुए जीटी रोड से होकर नगर भ्रमण करते हुए अग्रवाल सेवा संस्थान में पहुंचा। यहां दादी जी की प्रतिमा विधि विधान से स्थापित की गई। समाज के वरिष्ठ विष्णुकांत अग्रवाल ने अपने परिवार के सदस्यो के साथ अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की। विधि विधान से पूजन अर्चन के बाद बाहर से आए गायक कलाकारों ने देर रात तक भजन कीर्तन से लोगों को भक्तिरस में डूबोया। इस मौके पर रविशंकर भारूका, आत्माराम तुलस्यान, सुभाष तुलस्यान, नंदकिशोर सिंहानियां, अजय जालान, मनीष भारूका, अंकित अग्रवाल, अमित डेरोलिया, आशीष गर्ग, अमित रूंगटा, संतोष सिंहानिया, शंभू डोकानिया, बबलू सुरोलिया, पंकज मोदी आदि ने सहयोग किया। अध्यक्षता पंकज गर्ग ने की।