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खूब बरसे मेघ

Mon, 31 Aug 2015 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
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एक पखवारे के बाद रविवार की दोपहर मेघ जमकर बरसे। इससे लोगों को जहां गर्मी से निजात मिली, वहीं किसानों के चेहरे खिल गए तो राहगीरों को जलभराव के चलते काफी फजीहत का सामना करना पड़ा।
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भादो माह ने झमाझम बारिश के साथ रविवार को दस्तक दिया। जनपद के विभिन्न इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बरसात हुई। अनुमान के मुताबिक जनपद में करीब 30 मिमी. बरसात हुई।

 इससे लोगों को गर्मी से जहां राहत मिली वहीं धान की फसल के लिए भी यह बरसात संजीवनी साबित हुई है। पिछले एक पखवारे से बारिश न होने के चलते गर्मी व धूप की वजह से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। काले मेघ हर रोज लोगों को ललचाकर चले जा रहे थे।
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 इसकी वजह से गर्मी व उमस के चलते लोगों का जीना दुश्वार हो गया था। सारे दिन लोग पसीना पोछते नजर आते थे। वहीं बिजली की आंखमिलचौली कोढ़ में खाज का काम कर रही थी।

सावन में औसत से कम बरसात ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। पानी के अभाव में खेतों में दरारें पड़ गई थी और धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई थी।


वहीं फसल में रोग का खतरा भी बढ़ गया था। इसकी वजह से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई थीं। किसान निजी संसाधनों से किसी तरह फसल की सिंचाई करने के लिए मजबूर थे लेकिन भादो माह के पहले दिन हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं।

किसानों का कहना है कि रविवार की बरसात धान की फसल के लिए संजीवनी साबित  हुई है। इससे फसल में रोग लगने का खतरा भी समाप्त हो गया है।

वहीं दूसरी ओर तेज बरसात के चलते नगरीय इलाकों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा होने से स्थिति नारकीय हो गई। इसके चलते राहगीरों को आवागमन करने में काफी फजीहत का सामना करना पड़ा। अचानक हुई बरसात के चलते जरूरी काम से घर से निकले लोग जगह-जगह रूककर बारिश के बंद होने का इंतजार करते नजर आए।
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