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राशन कार्ड नहीं होने पर हो रही दिक्कत

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पीडीडीयू नगर। देश में जारी लॉक डाउन में लोग घरों में कैद हैं। सरकार कोई भूखा न रहे इसके लिए राशन कार्ड धारकों को राशन दे रही है, वहीं मनरेगा श्रमिक, श्रम विभाग में पंजीकृत लोगों के एकाउंट में पैसे भेज रही है। बावजूद इसके जिले में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। ऐसे लोगों की स्थिति बहुत खराब है। उन्हें न सरकारी सहायता नहीं मिल रही है।
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वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए देश मे 21 दिनों का लॉकडाउन लागू कर दिया गया। इसे अभी और बढ़ाने के आसार हैं। लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और घरों में रहने को कहा जा रहा है। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी दिहाड़ी मजदूर और किसी दूसरे पर आश्रित लोगों की है। जिले में अभी काफी संख्या में ऐसे लोग हैं जो किसी योजना में शामिल नहीं है। सैयदराजा संवाददाता के अनुसार वार्ड नं. 9 प्रदीप कुमार अपनी पत्नी सोनी कमारी और दो बच्चों के साथ बेहाल है। इनके पास राशन कार्ड और जाब कार्ड नहीं हैं। वार्ड सभासद बिभव गुप्ता ने बताया की श्रमिक के रूप में फार्म भरवाया गया है लेकिन अभी तक पैसा नहीं आया है। कंदवा संवाददाता के अनुसार मुड्डा निवासी मुनिया पत्नी स्वर्गीय सरजू और चहनिया संवाददाता के अनुसार हिनौता निवासी सुमन देवी पत्नी सतीश शर्मा, प्रभा देवी आदि को कोई सरकारी सहायता नहीं मिली है। इलिया संवाददाता के अनुसार कौड़िहार गांव के बनबासी बस्ती पिछवारी सरकारी सहायता न मिलने से खाने के संकट से जुझ रहे हैं। बस्ती निवासी रामजतन, फूलमती, पिंटू, अशोक, जसवंत, रामबाबू, नंदू, संजीवन, अजय, रामजनम, संतोष, चंदन ने कहा कि उनको राशन कार्ड अभी तक नहीं बना है और इस वजह से अनाज नहीं मिला है। जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि ब्लाक स्तर ऐसे लोगों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद उनकी लिस्ट कोटेदार को मुहैया कराई जा रही है ताकि सभी को खाद्यान्न मिल सके।
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