पीडीडीयू नगर। गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उन्हें याद किया गया। इस मौके पर गोंडवाना समाज के लोगों ने महारानी दुुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
भारत वर्षीय गोंड आदिवासी महासभा (समिति) की ओर से नगर के परशुरामपुर स्थित कार्यालय पर सोशल डिस्टेेंसिंग का पालन करते हुए महारानी दुुर्गावती के बलिदान को नमन किया। इस मौके पर हुई गोष्ठी वक्ताओं ने कहा कि महारानी दुर्गावती ने गढ़मंडल की रक्षा करते हुए अकबर की सेना से जीवन भर युद्ध करती रहीं। अकबर की सेना का नायक असफ खां तीन बाद दुर्गावती से हारा और भाग गया। 24 जून 1564 को महारानी दुर्गावती मुगली सेना से युद्ध कर रही थी, तभी बारिश होने लगी। जबलपुर के पास रानी नरई नाला पहाड़ी के समीप दुश्मन से घिर गई जब देखा कि पकड़ी जाएंगी तो अपने खंजर से अपनी जान दे दी। सभा में प्यारेलाल गोंड, रवि गोंड, श्रीकृष्ण गोंड, राहुल गोंड, विजयी गोंड, राजकुमार, संजय गोंड, संतोष गोंड, सुरेश गोंड, बाबूलाल गोंड, अजय, रमाशंकर, हरिश्चंद्र रहे। अध्यक्षता श्रीकृष्ण गोंड ने और संचालन रविशंकर गोंड ने की। सकलडीहा संवाददाता के अनुसार कोतवाली के नईबाजार सहित बिरना गांव में बुधवार को वीरांगना महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया गया। इस दौरान उनके आर्दशों पर चलकर समाज को मुख्य धारा से जोड़ने का आह्वान किया गया। गोड़ स्मृति न्यास के प्रदेश अध्यक्ष राम उजागिर गोंड ने कहा कि वीरांगना महारानी दुर्गावती का राष्ट्रहित में दिया गया बलिदान कभी व्यर्थ नही होगा। इसके पूर्व नईबाजार, महेसुआ सहित अन्य स्थान पर वीरांगना महारानी के तैल चित्र पर माल्यार्पण करते हुए राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष राम उजागिर गोंड, रामकृत गोंड, बाबूलाल प्रधान, जुगूकिशोर प्रधान, कृपाशंकर गोड, रामस्नेही गोंड, फग्गू गोंड, महेन्द्र गोंड रहे।