बढ़ती आबादी को देखते हुए जलनिगम ने 27 मार्च 2022 को सूजाबाद पानी टंकी को पूरी तरह से सूजाबाद नगर पंचायत को सौंप दिया। अब औपचारिक तौर पर ही सूजाबाद टंकी से जलीलपुर, मढिया, नई बस्ती में सप्लाई होती है पर बढ़ती आबादी के सापेक्ष यह ऊंट के मुंह में जीरा जैसा ही है।
इस समस्या के समाधान के लिए जलीलपुर पुलिस चौकी के बगल में 2005 में 30 लाख की लागत से मिनी ट्यूबवेल का निर्माण हुआ। लेकिन वह भी आर्सेनिक पानी ही देने लगा। सात साल तक पानी की समस्या से जूझते, मजबूरी में चापाकलों से आर्सेनिक युक्त पानी पीते लोगों के लिए खुशखबरी आई है।
जलनिगम की ओर से उस मिनी ट्यूबवेल में 30 लाख की लागत से पूर्वांचल का पहला आरओ प्लांट लगाया जा रहा है। इसका काम भी शुरू हो गया है, फाउंडेशन के खोदाई का कार्य पूरा हो चुका है और सब सही रहा तो जून तक पूरा हो जाएगा और जलीलपुर, मढ़िया, चौरहट, नई बस्ती गांव में आपूर्ति भी शुरू हो जाएगी।
ट्यूबवेल में आरओ प्लांट लगाने का काम पंजाब और हरियाणा में खूब हुआ है। जलनिगम के मैकेनेकिल विभाग के एई विनोद कुशवाहा ने बताया कि पूर्वांचल में चंदौली के अलावा बलिया और गाजीपुर में भी यह प्लांट प्रस्तावित है। लेकिन सबसे पहले चंदौली के पड़ाव में यह प्लांट लगाया जा रहा है। यह एक तरह से नजीर होगा। बताया कि यह हमारे लिए प्रयोग है। इसके निर्माण के अनुभव के आधार पर भी अन्य दोनों जनपदों में कार्य होगा। ऐसे में चंदौली में इस तरह का यह पहला आरओ प्लांट होगा।
ट्यूबवेल आरओ प्लांट के फाउंडेशन की खोदाई का काम हो चुका है। पानी की जांच करने के लिए भेजा गया है जिसके आधार पर यहां शुद्ध पानी के लिए मशीने लगाई जाएंगी। सामान्यत: देखा जाता है कि शुद्धिकरण के दौरान काफी मात्रा में पानी बर्बाद होता है पर इस तकनीक में पानी बर्बाद नहीं होगा। जनता काफी दिनों से परेशान थी, उनके लिए यह काफी राहत देने वाली बात है।-हेमंत कुमार, एक्सईएन, जलनिगम
पूर्वांचल में पहली बार चंदौली में यह आरओ प्लांट लगाया जा रहा है। यह एक तरह से हमारे लिए प्रयोग भी है। सफल रहा तो अन्य जगहों पर भी इसी के तर्ज पर काम किया जाएगा। इसे आयरन रिमूवल प्लांट भी कह सकते हैं जो पानी से आयरन की मात्रा निकाल देता है। पड़ाव के पानी को जांच के लिए भेजा गया है रिपोर्ट आने के बाद उसके आवश्यकतानुसार मशीनें लगाई जाएंगी।-विनोद कुशवाहा, एई, मैकेनिकल विभाग, जलनिगम